हिंदी का गुणगान करें

अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय ******************************************************************** हिंदी ने सब कुछ सिखलाया,हिंदी का गुणगान करें, जिसने जना चंद जगनिक कवि,उसका हम सम्मान करें। खुसरो की ‘कह मुकरी’ जिसकी गोदी में मुस्काती हो- ऐसी पावन भाषा से नित,नूतन नवल विहान करें। हिंदी का गुणगान करें…॥ पद्मावत रच दिये जायसी,बीजक दास कबीर रचे, सागर सूर साख्य केशव सँग,राधारानी पीर … Read more

भारतमाता की बिंदी है हमारी हिंदी

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ****************************************************************************** हिंदी  दिवस स्पर्धा विशेष……………….. पावन पुनीत भारत धरती,पवित्र नदियों से सिंचित,मुकुट मणि गिरिराज ‍हिमालय जिसका प्रहरी और माथे का शुभ्र मुकुट है,जम्मू कश्मीर व हिमाचल प्रदेश जिसका पूर्णेन्दु बिंब फल-सा मुख है,कश्मीर से असम तक फैली हिमालय पर्वत श्रृंखलाएं जिसकी मेखला है,उत्तराखंड के कूर्मांचल,गढ़वाल व तराई-भावर का भाग जिसका वक्षस्थल … Read more

हमारी हिंदी

डॉ.पूजा हेमकुमार अलापुरिया ‘हेमाक्ष’ मुंबई(महाराष्ट्र) ********************************************************* हिंदी  दिवस स्पर्धा विशेष……………….. आओ मिलाऊँ हमारी ‘हिंदी’ से, भोली-भाली,प्यारी-प्यारी हमारी हिंदी। संस्कृत की लाड़ली बेटी हमारी ‘हिंदी, बड़ी सुगम,सरल,सहज, और मिस्री से मीठी हमारी हिंदी। लगती कितनी सभ्य और, पावन हमारी हिंदी सबको अपनाती और, गले लगती है हमारी हिंदी। भेद-भाव कभी नहीं, सिखाती हमारी हिंदी सदा मानवता … Read more

राष्ट्र की शोभा ‘हिंदी’ से है

विनोद वर्मा आज़ाद देपालपुर (मध्य प्रदेश)  ************************************************ हिंदी  दिवस स्पर्धा विशेष……………….. अंग्रेजी में साइन कर ‘हिंदी दिवस’ मनाता हूँ, आप सुनें ना सुनें,पर मैं एक गीत सुनाता हूँ। मैं वह हूँ,जहां अच्छे से अच्छा कलाकर भी नहीं पहुंच पाता, शब्द लड़ी बनाने आसमान से पाताल,चारों दिशाओं में जाता। मैं कवि बना हूँ,कविता को नया आयाम दिलाने … Read more

मानक है हिन्दी वतन

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** हिंदी  दिवस स्पर्धा विशेष……………….. निज वाणी मधुरा प्रिया,हिन्दी नित सम्मान। भारत की जन अस्मिता,बने एकता शान॥ यथार्थ नित सुन्दर सुलभ,सूत्रधार जन देश। संस्कृत तनया जोड़ती,हिन्द वतन संदेश॥ कण्ठहार जनभाष बन,विविध रीति बन प्रीत। आन बान शाने वतन,हिन्दी है उदगीत॥ श्रवण कथन सम लेखनी,काव्यशास्त्र प्रणीत। मानक है हिन्दी वतन,लोकतंत्र … Read more

‘हिंदी’ करे हिन्द का कल्याण

डॉ.एन.के. सेठी बांदीकुई (राजस्थान) ************************************************************************* अपनी है मातृभाषा भारत की राष्ट्रभाषा, हिंदी है सबको प्यारी इसे अपनाइए॥ हिन्द की है शान यह वतन का मान यह, हमें इसपे गर्व है प्रयोग में लाइये॥ करे हिन्द का कल्याण रखे सबका ये ध्यान, अभिमान हमारा है इसे ना भुलाइये॥ मिली हमें ये सौगात संस्कृत इसकी मात, मस्तक … Read more

अलख जगाएं हम

अमल श्रीवास्तव  बिलासपुर(छत्तीसगढ़) ********************************************************************* आओ सब मिल-जुल एकता के गीत गाएं, सुख,शान्ति,शुचिता,की सरिता बहाएं हम। ममता की ज्योति जगा,प्यार दिल में उगाएं, सोए हिन्दवासियों को नींद से उठाएं हम। प्रगति की गति कहीं मंद नहीं होने पाए, आमजन,मानस की वेदना मिटाएं हम। हिन्दू,हिंदी,हिंदुस्तान पहचान अपनी है, सारे जग में हिंदी का ही अलख जगाएं हम॥ … Read more

हिंदी हर संबंध की चिट्ठी

डॉ.चंद्रदत्त शर्मा ‘चंद्रकवि’ रोहतक (हरियाणा) ******************************************************* हिंदी बिंदी से भाषा सुहागन हिंदी ज्ञान से विराट हर मन, हिंदी प्याला पी मदहोश सब मदहोशी को कहते जीवन। हिंदी मीरा का अमर प्याला हिंदी हल्दी घाटी का भाला, सूर में बसी कान्हा मुस्कान हिंदी तो बच्चन की है हाला। तुलसी का रामरसायन है रसखान का रस गायन … Read more

हिन्दी भाषा

वन्दना पुणताम्बेकर इंदौर (मध्यप्रदेश) ******************************************************* हिंदी  दिवस स्पर्धा विशेष……………….. विस्तार करें हम जन-जन तक, हिन्दी भाषा का। हिन्दी पढ़ें-बढ़ें, कदम-कदम पर मिले ज्ञान हिन्दी। भारत की बुलंदियों पर रोशन हो, बच्चों सीखें हिन्दी। भूल रही है, हिन्दी भाषा को नई पीढ़ी अब। जागृति फैलाकर सब, मिलकर घर-घर में विस्तार करें। हिन्दी भाषा का, विस्तार करें … Read more

सरस-सुहावनी हिंदी हूँ मैं

राजेश पड़िहार प्रतापगढ़(राजस्थान) *********************************************************** हिंदी  दिवस स्पर्धा विशेष……………….. अभिवादन में वंदन करती,चंद्र बिंदु की बिंदी हूँ मैं, मुझसे दूर नहीं अब जाना,सरस सुहावनी हिंदी हूँ मैं। कर मत हाय-हैलो अब भाई,चरण पकड़ना छोड़ नहीं, कहकर गुडलक अपनों का,अपनों से मुख तू मोड़ नहीं। कर दी उपयोगी अंग्रेजी,झेल रही नित मंदी हूँ मैं… शब्द-शब्द के भेद … Read more