मेरे कृष्ण

रेणु झा ‘रेणुका’ राँची(झारखंड) ******************************************************************* कृष्ण जन्माष्टमी स्पर्धा विशेष………. हे देवकी पुत्र,यशोदा नंदन बसते हो राधा संग,वृंदावन, पुनः अवतरित हो जाओ नित नजरें निहारे डगर, प्रभु कब आओगे इधर हे जगत् के रखवाले कृष्ण। हे द्रौपदी की लाज बचाने वाले मथुरा का माखन चुराने वाले, नख पर पर्वत उठाने वाले साग विदुर घर खाने वाले, … Read more

फिर आओ इक बार यहाँ कान्हा

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’ बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ********************************************************************** कृष्ण जन्माष्टमी स्पर्धा विशेष………. हे जग तारी,कृष्ण मुरारी, जन्मे मथुरा तुम,कंस के कारागार में। पहुंचे ईश्वरीय लीला से तुम, माता यशोदा के द्वार में। हे देवकी नन्दन नंद-लाला, तुम ही तो तारनहार हो। खुद को माखन-चोर,चित-चोर बना के, तुम्ही जग के राखनहर हो। हे वासुदेव-देवकी नन्दन, उफनती यमुना,रात … Read more

जय गोपाल

मनोरमा चन्द्रा रायपुर(छत्तीसगढ़) ******************************************************** कृष्ण जन्माष्टमी स्पर्धा विशेष………. हे गोपाल,करूँ मैं ध्यान, आ जाओ,करुणा के सागर। हम दीन पुकार रहे हैं, कर दो हम पे उपकारll यशोदा,नंद दुलारे हो, राधा के,तुम प्यारे हो। मुरली मधुर बजाने वाले, गोपियों को,नचाने वाले होll गोवर्धन पर्वत उठा, ग्वालों की रक्षा किये। पाप अंत,करने के लिए, दुष्ट कंस का,संहार … Read more

जुबां सूख गयी श्याम

ललित प्रताप सिंह बसंतपुर (उत्तरप्रदेश) ************************************************ कृष्ण जन्माष्टमी स्पर्धा विशेष………. श्याम-श्याम रटते-रटते जुबां सूख गयी है श्याम, आया नहीं तू मोहन ये रूह कर रही है इंतजार तेरे विरह में दिल न करता है कोई काम, दे उपदेश रहा ऊधव है जैसे वो हो कोई भगवानl श्याम-श्याम… कह गये परसों आऊंगा,अब बीत गये कई साल, … Read more

ओ कान्हा मेरे

सुलोचना परमार ‘उत्तरांचली देहरादून( उत्तराखंड) ******************************************************* कृष्ण जन्माष्टमी स्पर्धा विशेष………. ओ मेरे माखन चोर कन्हैया, कबसे खड़ी हूँ तेरे द्वार। मैं ही मीरा मैं ही राधा, आ सुन ले मेरी पुकार। ओ कान्हा मेरे,सुन ले मेरी पुकार… तेरी ही धुन में मस्त रही मैं, छोड़ा सभी घर-द्वार। बाँसुरी की धुन सुन तेरी, नाचूं मैं बारम्बार। … Read more

इस युग में `कृष्णा`

मानकदास मानिकपुरी ‘ मानक छत्तीसगढ़िया’  महासमुंद(छत्तीसगढ़)  *********************************************************************** कृष्ण जन्माष्टमी स्पर्धा विशेष………. हे कृष्णा तू क्यों नहीं आता इस युग में लाज बचाने, धार्मिक स्थल में लुट जाती नारी,क्यों शांत हो बंशी वाले। चीर हरण से भी बड़ी दुर्दशा कितनों के साथ हो चुकी, लगता है कलयुग में कृष्णा,गहरी नींद में सो चुकेl बालपन में बहुरूपियों … Read more

भक्तों से कान्हा का अदभुत संबंध

संजय गुप्ता  ‘देवेश’  उदयपुर(राजस्थान) ******************************************************************** कृष्ण जन्माष्टमी स्पर्धा विशेष………. कान्हा भक्तों से आपका कैसा अदभुत है संबंध आपसे प्रीत लगाकर भुला बैठा मैं तन और मन, माँ से प्यार,बाल,ग्वाल,सखा,गोपियों से प्यार पशुओं से प्यार,पक्षीयों से प्यार जग में है इजहार, तेरे प्यार में डूबकर कान्हा,हर कोई यहाँ मगन। कान्हा भक्तों से कैसे…॥ आपका महाबल देखा … Read more

कृष्ण कह तू …

कार्तिकेय त्रिपाठी ‘राम’ इन्दौर मध्यप्रदेश) ********************************************* कृष्ण जन्माष्टमी स्पर्धा विशेष………. कृष्ण कह तू या कन्हैया या मदन गोपाल कह, हर क्षणों में वह छुपा है इन पलों से प्यार कर। कौन कहता है नहीं वह इस धरा के धाम पर, धड़कनों में वह बसा है थोड़ा चित्त को ध्यान धर। तू कन्हैया पाने की हठ … Read more

मेरे कान्हा

आरती जैन डूंगरपुर (राजस्थान) ********************************************* कृष्ण जन्माष्टमी स्पर्धा विशेष………. कान्हा छेड़ सच्ची प्रीत का राग, मिटा कर वासना की आग। भक्ति सरिता मीरा हो या राधा, तेरा प्रेम नहीं हुआ कभी आधा। दीवानी थी तेरी हर गोपी, पर तूने सबको इज्जत सौंपी। तूने सिखाया कंस को भी अदब, उसने दिखाया जब पाप का करतब। मित्रता … Read more

कलियुग की महाभारत

मच्छिंद्र भिसे सातारा(महाराष्ट्र) ********************************************************************************** कृष्ण जन्माष्टमी स्पर्धा विशेष………. सुनो मित्र! कृष्ण हमारे, घोर कलियुग आ गया… द्वापर युग ने फिर एक बार, कलियुग में जनम लिया। देवकी ने दिया कंस को जन्म, पद्मावती ने कृष्ण को पा लिया… मथुरा वृंदावन में तब्दील है, द्वारिका में अनर्गल गिर गया कुंती के सौ पुत्र बने कुटिल, पाकर … Read more