नदियों को बचाना है

सुलोचना परमार ‘उत्तरांचली देहरादून( उत्तराखंड) ******************************************************* आओ मिलकर सोचें सब, नदियों को बचाना है। नदियों के उदगम में जाकर, जब तुम कचरा फैलाते हो। मौज-मस्ती करके सब तुम, जब अपने घर आते हो। एक बात भूल जाते सदा, पुण्य के लिए डुबकी उसी में लगाना है। नदियों को बचाना है….॥ जीव-जंतु जो मर गये, और … Read more

हौंसला

ओमप्रकाश अत्रि सीतापुर(उत्तरप्रदेश) ********************************************************************************* अब दुर्गम मार्गों पर बढ़ चले हैं पांव मेरे, कठिन है यह राह इतनी थक गए हैं पांव मेरे। इस सूने रास्ते में याद कल की आ रही है, व्यर्थ में जीवन गंवाया पानी-सा मैं धन बहाया, याद जब आती है उसकी कांपते हैं पांव मेरे। दूर है मंज़िल मेरी, पर … Read more

अवध नादां हुआ

अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय ******************************************************************** जब बुरा-सा वक्त मुझ पर दिल से मेहरबांं हुआ, तब सदा मेरा पराया मेरा खानदान हुआ। स्वार्थ की टेढ़ी तुला पर तौलकर फेंका गया, बस सभी के वास्ते बेमोल का सामांं हुआ। दान की बछिया भला पाली गई कब नेह से! छीनकर मत को हमेशा नाम मत का दान हुआ। … Read more

कटुवचन

श्रीमती पुष्पा शर्मा ‘कुसुम’ अजमेर(राजस्थान) **************************************************** मानव को मिला वाणी का वरदान। सधते उसी से संसार के व्यवहार। ज्ञान विज्ञान मनोरंजन, सभी तो जुड़े हैं वाणी के सूक्ष्म तंतु से। मानव मन पर करती राज्य, संतों की अमृतमय वाणी। हरती दुःख-क्लेश देती शाश्वत शान्ति। ठीक उलटा, कटुवचन प्रभाव पल में भरता मन में द्वेष-भाव, पनपता … Read more

झूठ-फरेब का दौर

सुषमा मलिक  रोहतक (हरियाणा) ************************************************************************************* खत्म हुआ वक़्त इंसानियत का,झूठ-फरेब का चला दौर है, सच्चाई को दबाने को,झूठी खबरों का सोशल साइट पर शोर है। अपनी गलती ढंकने को लोग,दूसरों पर झूठे इल्जाम लगाते हैं, घर की बहन-बेटियों को,हथियार बनाने से भी नहीं कतराते हैं। जिस थाली में खाया उसी में छेद,फिर दूसरों को साँप … Read more

प्यार की जमना है माँ

मनोरमा जोशी ‘मनु’  इंदौर(मध्यप्रदेश)  **************************************************** मेरी माँ, ज्ञान की गंगा है प्यार की जमना है। सपनों की गुल्लक है, यादों का गहना है माँ हमारी दोस्त,सहेली और बहना हैl थपकी है प्यार भरी,लोरी की सरगम है, आस्था की भोर नई माँ,श्रद्धा की पूनम है। माँ हमारी सबसे प्यारी सुन्दर और भोली-भाली, बाँहों का झूला है,आँचल … Read more

धर्मपत्नी

केवरा यदु ‘मीरा’  राजिम(छत्तीसगढ़) ******************************************************************* मैं नारी ही धर्मपत्नी हूँ, मैं प्रियतम की संगिनी हूँ मैं साजन का प्यार हूँ, मैं ही घर-परिवार हूँl मैं सावन की फुहार हूँ, मैं ही बासंती बयार हूँ मैं दुल्हन बनकर आती हूँ, मैं दो कुल को महकाती हूँl मैं बाबुल को छोड़ आती हूँ, मैं माँ का आँगन … Read more

ज़िन्दगी का सवाल

तारा प्रजापत ‘प्रीत’ रातानाड़ा(राजस्थान)  ************************************************* उम्र के एक पड़ाव पर, ज़िन्दगी ने ज़िन्दगी से पूछा- क्या किया उम्रभर ? ज़िम्मेदारियों के बोझ तले, दब कर रह गया बस तेरा अस्तित्व। कभी समय ही नहीं मिला, ख़ुद के बारे में सोचने का। दुनिया के रेगिस्तान में, न जाने कब उम्र की मुट्ठी से फ़िसल गयी ज़िन्दगी … Read more

नया दल

रश्मि लता मिश्रा बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ****************************************************************** चुनाव,चुनाव,चुनाव का मचा सब ओर शोर है, रैलियों की भरमार भाषण का जोर है। दल-बदल के समीकरण, बदल रहे जोरों से स्वार्थ संलगता पहुँची, विश्वास के घेरों में। जब सालों-साल रहकर, साथ पल में छूट जाए ऐसे संबंधों पर ये भरोसा जताते हैं, बात कुर्सी की हो तो गधे … Read more

कवि हूँ

डोमन निषाद बेमेतरा(छत्तीसगढ़) ************************************************************* कभी हँसता हूंँ, कभी रूलाता हूँ जो गम आता है, सब भुला जाता हूँ। वही गुनगुनाता हूँ, फिर भी क्या करूँ दर्द में हँसी है, यही बात बताता हूँ। भाई साहब! मैं कवि हूँ…॥ अपने विचारों को, व्यक्त करता हूँ दु:ख हो या सुख हो, विधा में प्रस्तुत करता हूँ। बस … Read more