इस शहर में

सोनू कुमार मिश्रा दरभंगा (बिहार) ************************************************************************* रैन में छाया घनघोर अंधेरा,प्रभात लेकर आया कुहासा, दर्द से तड़पते,करवटें बदलते,मन में लिए विकट निराशा छीन हो चुकी थी,दीन हो चुकी थी उसके जीवन की आशा, कहर को झेलते,सफर को देखते,थी चलने की प्रत्याशा। सड़क के किनारे,कराहते-चिल्लाते,तम की तमतमाहट में, सुधाकर,दिवाकर के द्वारा दी गई तपन की कड़वाहट … Read more

सत्य की राह

मनीषा मेवाड़ा ‘मनीषा मानस’ इन्दौर(मध्यप्रदेश)  **************************************************************** सत्य की राह चले जो हम तो, पैरों में काँटे चुभ आये। बाधाएं-ही-बाधाएं आयीं, ठोकर हमने पल-पल खायी। सत्य की राह चले जो हम तो, पैरों में काँटे चुभ आये॥ हँसी-ठिठोली खूब बनायी, सफलता भी रास ना आयी। सत्य की राह चले जो हम तो, पैरों में काँटे चुभ … Read more

अनुपम वरदान माँ

शिवांकित तिवारी’शिवा’ जबलपुर (मध्यप्रदेश) ******************************************************************** इस धरा का अद्वितीय अनुपम वरदान है माँ, जन्मदात्री जगतपूज्या जग में सबसे महान है माँl नौ महीने कोख में रख वह शिशु को जन्म देती, अथक पीड़ा सहन कर भी वह किसी से कुछ न लेतीl दया,ममता,स्नेह की माँ अदभुत अप्रतिम तस्वीर है, कितने रूपों को जीती,लिखतीं कितनी तकदीर … Read more

दिल से कब मिलोगे

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ************************************************ प्यार का रंग अब चढ़ाने लगा है, दिल अब मेरा भी मचलने लगा है। न जाने अब कब,मुलाकात होगी, और हमारे प्यार की शुरुआत होगीll दिल मेरा अब मचलने लगा है, प्यार के लिए,तड़फ ने लगा हैl दिल पर ज़ख़्म,इतने गहरे हैं, कि हमको,खुद मालूम नहीं। और खुदी पर,वार करते रहेll … Read more

चौकीदारी

सुशीला रोहिला सोनीपत(हरियाणा) *************************************************************************************** चौकीदार की चौकीदारी ने कमाल कर दिया, नव उदित भारत का निर्माण कर दिया। चौकीदार की चौकीदारी ने, विश्व में परचम अपना लहराया है योग भारत का विश्वभर में फहराया है। योग दिवस की हुई घोषणा यूएस के आँगन में, चौकीदार की चौकीदारी ने कमाल कर दियाl नव उदित भारत का … Read more

संस्कृति का नव-वर्ष

हेमलता पालीवाल ‘हेमा’ उदयपुर (राजस्थान ) *************************************************** हिन्दुत्व का नव-वर्ष है, संस्कृति का उत्कर्ष है। नव पराग हुए अंकुरित, पुष्प हो गए सुगंधित चंहुओर उमंग,हर्ष हैl हिन्दुत्व का नव-वर्ष है, संस्कृति का उत्कर्ष है। श्रीराम,हनुमान का प्राकृट्य है, महापुरुषों का अवतरण है नव प्रभात का श्रीगणेश हैl हिन्दुत्व का नव-वर्ष है, संस्कृति का उत्कर्ष है। … Read more

बिटिया हूँ आपकी

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ****************************************************************************** पापा,मैं बिटिया हूँ आपकी, मम्मी,मैं बिटिया हूँ आपकी। मैं रिश्तो में बंधी हुई, सुंदरता से सजी हुई। सपने बहुत संजोए हैं, बीज खुशी के बोये हैं। बेटा न सही,बेटी हूँ मैं आपकी, पढ़-लिख कर मैं शान बनूंगी आपकी॥ अभी मैं नहीं गुड़िया हूँ, घर की सुंदर बगिया हूँ। भैया की … Read more

प्रतिपदा नव वर्ष

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’ जमशेदपुर (झारखण्ड) ******************************************* हे मातु भवानी हे जगकल्याणी, महर तुम्हारी माँ आँचल भर दे। हे जन्मदात्री हे सुखदायिनी, तू मेरी माते अब मंगल कर दे। विद्या विवेक शक्ति है तुमसे, हृदय मेरे तेरी भक्ति भर दे। मातु वरदायिनी हो कृपासिंधु, मन व्याकुल माँ संकल्प भर दे। तुम्हीं सर्वव्यापी जीवनदायिनी, नयनों मे … Read more

कभी सोचा न था…

सारिका त्रिपाठी लखनऊ(उत्तरप्रदेश) ******************************************************* हर रिश्ते से बँधी थी पर कोई भी रिश्ता मेरा न था, रिश्तों में फासले तो थे पर वे इतने खौफनाक भी हो सकते हैं, कभी सोचा न था। हमसफर बनाया था जिसे, हमसफर तो था, पर साथी न बन सका। रहते थे इक मकां में पत्थर की तरह क्योंकि वो … Read more

कलम की दु:खभरी दास्तां

डॉ.रामावतार रैबारी मकवाना ‘आज़ाद पंछी’  भरतपुर(राजस्थान) ************************************************************************************************ सोच रही है पागल कलम,कैसी दुनिया आई है, लाज-शर्म के शब्द भूलकर,बे-शब्दों की झड़ी लगाई है पड़ी तमाशा देख रही हूँ,ऐसी धाक जमाई है, लुप्त हो रही मैं तो मेरे घर में,मुझ पर ऐसी शामत आई हैl सोच रही… मेरे कारण तू इंसान बना,फिर महान बना, इस भरी … Read more