जल बिना सब शून्य

सविता धरनदिया(पश्चिम बंगाल)**************************** ज से जल जीवन स्पर्धा विशेष… चाहे मनुष्य हो या जीव-जंतु सभी के लिए जल आवश्यक है। प्रत्येक प्राणी के लिए ३ चीजें बहुत आवश्यक है-जल,वायु व भोजन।यह तीनों ही एक-दूसरे के पूरक हैं,केवल प्राणियों के लिए ही नहीं, वरन वनस्पतियों के लिए भी जल परमावश्यक है। मानव को प्रातः काल से … Read more

विश्व की महान संस्कृति का ध्वजवाहक हिन्‍दू नववर्ष

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** नव वर्ष विशेष…………….. सभी जानते हैं वैदिक धर्म संसार का एकमात्र सबसे पुराना धर्म है,जिसका साक्ष्य है ‘वेद’। वेद दुनिया की प्रथम पुस्तक ही नहीं,बल्कि यह मानव सभ्यता का सबसे पुराना लिखित प्रथम दस्तावेज है। चैत्र मास सनातन वैदिक धर्म के संवत्सर का प्रथम मास है और इसका आरम्भ कृष्ण पक्ष … Read more

दलित मसीहा एवं क्रांतिकारी महामानव

ललित गर्गदिल्ली ************************************** डॉ. भीमराव आम्बेडकर जयन्ती विशेष दुुनिया-जहान और विशेषतः भारत की परिस्थितियों को एक संतुलित,भेदभावरहित एवं समतामूलक समाज की निगाह से देखने एवं दलित जाति के साथ जुड़े सामाजिक और आर्थिक भेदभावों को समाप्त करने के लम्बे संघर्ष के लिए पहचाने जाने वाले डॉ. भीमराव आम्बेडकर इसी अप्रैल महीने में जन्मे थे। मानव … Read more

जल ही जीवन

डॉ.मधु आंधीवालअलीगढ़(उत्तर प्रदेश)************************************************ ज से जल जीवन स्पर्धा विशेष… जल शब्द ही अपने-आपमें अनमोल है। ‘जल नहीं तो कल नहीं’,’जल से संवारे कल’ इतने नारे हम सुनते हैं,पर क्या हम जल को सहेजने का प्रयास करते हैं। गर्मी आते ही दुनिया में पेयजल का संकट सामने आता है।आज मनुष्य को लगता है कि,जल की आवश्यकता … Read more

भूमिगत जल का संरक्षण आवश्यक

डॉ.पूर्णिमा मंडलोईइंदौर(मध्यप्रदेश) *************************************** ज से जल जीवन स्पर्धा विशेष… मनुष्य अपने जीवन-यापन के लिए प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर रहता है,जिसमें जल,वायु,मृदा,वन,जैव विविधता,खनिज,जीवाश्म ईंधन इत्यादिशामिल है।इनमें से जल एकमात्र ऐसा प्राकृतिक संसाधन है,जो प्रत्येक जीव,पौधे एवं जंतुओं को एक समान आवश्यकता होती है। अतः,पानी की खपत बहुत अधिक है। जल का संरक्षण जीवन का संरक्षण है,क्योंकि … Read more

जल से ही जीवन चले

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ************************************** ज से जल जीवन स्पर्धा विशेष… ‘जल से ही जीवन चले,जल से यह संसार।जल से ही यह सृष्टि है,जल है प्राणाधार॥’ हम नित ही सुनते आए हैं कि ‘जल ही जीवन है।’ जल के बिना सुनहरे कल की कल्पना भी नहीं की जा सकती। वस्तुत: जीवन के सभी कार्यों का … Read more

जल है तो कल है

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** ज से जल जीवन स्पर्धा विशेष… शरीर हो या प्रकृति सभी पांच तत्व से बने हैं और वे हैं-जल,वायु,पृथ्वी,अग्नि और आकाश। इन पाँचों में संतुलन बना रहना अति आवश्यक है,तभी हम पर्यावरण को सब तरह से अपने अनुकूल पाएंगे, लेकिन आजकल भिन्न-भिन्न कारणों से इसकी मात्रा में असंतुलन भी होता है … Read more

जागरूकता की जरूरत

रेणू अग्रवालहैदराबाद(तेलंगाना)************************************ ज से जल जीवन स्पर्धा विशेष… जल ही जीवन है,ये तो पूरा संसार जानता है,पर क्या हम अपने पीने के जल स्त्रोतों को संभाले हुए हैं ? जी नहीं,बिल्कुल भी नहीं,दुनिया में तीन हिस्से पानी है और एक हिस्सा ज़मीन का है। पानी की ज़रूरत जीवन के लिए,पेड़-पौधों के लिए, वनस्पतियों को सुरक्षित … Read more

भारत-रूसःहमें हुआ क्या,भूमिका अदा करें ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* रूसी विदेश मंत्री सर्गेइ लावरोव और भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर के बीच हुई बातचीत के जो अंश प्रकाशित हुए हैं,और उन दोनों ने अपनी पत्रकार-परिषद में जो कुछ कहा है,अगर उसकी गहराई में उतरें तो थोड़ा-बहुत आनंद जरुर होगा लेकिन दुखी हुए बिना भी नहीं रहेंगे। आनंद इस बात से होगा कि … Read more

मन को कर तू शक्तिमय

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************************* ‘मन को कर तू शक्तिमय,ले हर मुश्किल जीत।काँटों पर गाना सदा,तू फूलों के गीत।’मनुष्य का जीवन चक्र अनेक प्रकार की विविधताओं से भरा होता है,जिसमें सुख-दु:ख, आशा-निराशा तथा जय-पराजय के अनेक रंग समाहित होते हैं। वास्तविक रूप में मनुष्य की हार और जीत उसके मन की मज़बूती पर आधारित होती … Read more