पटाखे एवं आबादी प्रदूषण:मिलकर सुधारना होगा

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** हम कैसे अपेक्षा रखें भारतीयों से कि वे अनुशासन में रहेंगे ? जब बच्चा ६ माह का होता है उस समय जब वह कूदने लगता है। उस समय से वह अवज्ञाकारी होने लगते हैं। आप उसे यहाँ बुलाओ,तो वे वहां जाते हैं। मोबाइल और टी. वी. संस्कृति के कारण बच्चों को भी बहुत … Read more

समस्याओं के समाधान हेतु करने पड़ेंगे संकल्पित और सुगठित प्रयास

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** पिछले सत्तर साल से देश की जो हालत है,जिस तरह राजनीति में स्वार्थ परस्ती,दलित और मुस्लिम तुष्टिकरण की होड़,भाई-भतीजावाद, जातिवाद का बोलबाला है,जिस तरह नौकरशाही में क्या चपरासी,क्या अधिकारी,क्या सचिव सभी पर पक्षपात और भ्रष्टाचार के आरोप लगते आ रहे हैं,जिस तरह न्याय व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लग रहे हैं,उसे देख-सुनकर अब … Read more

सफलता के लिए सहनशीलता आवश्यक

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************* सफलता एक लम्बी दौड़ है और लम्बी दौड़ के नियमानुसार संतुलित दौड़ने वाला प्रतिभागी ही विजयी होता है। सामाजिक सफलता के लिए इसी संतुलन को सहनशीलता की संज्ञा दी गई है।शीघ्रता में आगे दौड़ व पीछे चौड़ हो जाता है,और जम्मू-कश्मीर में तो यूँ भी आपरेशन सद्भावना के … Read more

हिन्दी और बोलियों के मधुर संबंध तोड़ने की नापाक कोशिशें

प्रो. कृष्ण कुमार गोस्वामीदिल्ली *********************************************************** हिन्दी को बांटने का जो कुप्रयास हो रहा है,उसमें अँग्रेज़ीदाँ लोगों का तो सामना करना पड़ ही रहा है,लेकिन विडंबना यह है कि हिन्दी को तोड़ने वाले अपने ही लोग कम नहीं हैं जो अपने निहित स्वार्थ के लिए अंग्रेज़ी वालों से कम भूमिका नहीं निभा रहे। वे हिन्दी और … Read more

समाज सुधार के लोकनायक रहे गुरु वल्लभ

ललित गर्गदिल्ली ****************************************************** विश्व पटल पर कतिपय ऐसे विशिष्ट व्यक्तित्व अवतरित हुए हैं जिनके अवदानों से पूरा मानव समाज उपकृत हुआ है। ऐसे महापुरुषों की परम्परा में जैन धर्मगुरुओं एवं साधकों ने अध्यात्म को समृद्ध एवं शक्तिशाली बनाया है। उनमें एक नाम है युगवीर,क्रांतिकारी आचार्य श्रीमद् विजय वल्लभ सूरीश्वरजी का। वे बीसवीं सदी के शिखर … Read more

मानवता की प्रेरणा देते भगवान महावीर

  डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** प्रतिवर्ष दीपावली के दिन जैन धर्म में दीपमालिका सजाकर भगवान महावीर का निर्वाणोत्सव मनाया जाता है। कार्तिक अमावस्या के दिन भगवान महावीर स्वामी को मोक्ष की प्राप्ति हुई थी।भगवान महावीर का जीवन एक खुली किताब की तरह है। उनका जीवन ही सत्य,अहिंसा और मानवता का संदेश है। उनके घर-परिवार में ऐश्वर्य,संपदा की … Read more

समानता हेतु व्यापक सामाजिक परिवर्तन की आवश्यकता

प्रियंका सौरभहिसार(हरियाणा) ************************************************** लैंगिक असमानता हमारे समाज में एक दीर्घकालिक समस्या है। आज भी महिलाओं के साथ कई तरह से भेदभाव किया जाता है। भारत के सामाजिक संदर्भ में कानूनी रूप से महिलाओं को समान अधिकार प्राप्त है, मगर लैंगिक मुद्दों पर समाज को संवेदनशील बनाने की बहुत आवश्यकता है,ताकि कोई समस्या न हो। यह … Read more

महावीर के निर्वाण से प्रचलित हुई जैन परम्परा में दीपावली

डाॅ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’इन्दौर (मध्यप्रदेश)**************************************** भारत देश धर्म प्रधान देश है,यहाँ की संस्कृति अहिंसा प्रधान है। इस देश में धर्म निरपेक्ष शासन प्रचलित है। त्यौहार हमारी संस्कृति एवं सभ्यता के प्रतीक हैं,इनका सम्बन्ध भी प्राचीन महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ा होता है। यहाँ पर धार्मिकता को लिए हुए अनेक पर्व मनाए जाते हैं। दीपावली पर्व को … Read more

कई विशिष्टता वाला त्यौहार दीपावली

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)************************************************** दीपावली पर्व स्पर्धा विशेष….. अंधकार पर प्रकाश की विजय का त्यौहार दीपावली भारत में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। दीपोत्सव का वर्णन प्राचीन ग्रंथों में मिलता है। दीपावली से जुड़े कुछ रोचक तथ्य हैं,जो इतिहास के पन्नों में अपना विशेष स्थान बना चुके हैं।सभी जानते हैं कि कार्तिक बदी … Read more

दीपावली:ज्योति का पर्व

योगेन्द्र प्रसाद मिश्र (जे.पी. मिश्र)पटना (बिहार)************************************************** दीपावली पर्व स्पर्धा विशेष….. वर्षाकाल के बाद अच्छी फसल होने की आस मन में जगती है। प्रतीक्षा के समय में ही दुर्गा पूजा आ जाती है और नवदुर्गा की पूजा में हिन्दू-धर्मावलंबी व्यस्त हो जाते हैं। फिर आती है विजयदशमी,कहा जाता है कि इसी दिन श्रीरामचन्द्रजी ने रावण पर … Read more