लोभ में आकर न छोड़ें संस्कृति और समाज
योगेन्द्र प्रसाद मिश्र (जे.पी. मिश्र)पटना (बिहार)************************************************** अक्सर हम संस्कृति की बात करते हैं,पर कोई पूछे कि संस्कृति है क्या,तो क्या सही-सही जबाब दे पाते हैं ? संस्कृति को परिभाषित करना कठिन है; क्योंकि यह कोई वस्तु नहीं है। यह समझने की चीज है। यह हमारी भावनाओं को उजागर करने वाला वह दीप है,जो हमें औरौं … Read more