सूची,अनुसूची और साहित्य अकादमी के पुरस्कार!

मुद्दा-अष्टम अनुसूची में स्थान……….. डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’ (महाराष्ट्र)–साहित्य अकादमी के पुरस्कार पाने की होड़ एक और संविधान की अष्टम अनुसूची में स्थान पाने की होड़ का रूप ले रही है तो दूसरी ओर कुछ बोलियाँ साहित्य अकादमी की मान्यता के आधार पर अष्टम अनुसूची में स्थान पाना चाहती हैं। इस प्रकार संघ की राजभाषा … Read more

जनहित में धर्ममय राजनीति महती आवश्यक

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** ‘राजनीति’ एक ऐसा क्षेत्र है,जो‌ समाज को प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष सर्वाधिक प्रभावित करता है। ऐसी स्थिति में यदि राजनीति की दिशा और दशा सही नहीं होगी तो समाज को भारी क्षति पहुँचेगी। इस कारण धर्मतंत्र को चाहिए कि वह ‘राजनीति’ पर नजर रखे तथा उसके भटकाव को रोके। उसका मार्गदर्शन करे,जन-जागरण करे, … Read more

रावण का पुतला तो फूंक दिया,राक्षसी वृति को कौन फूंकेगा

डॉ.प्रभात कुमार सिंघलकोटा(राजस्थान)************************************ विजया दशमी विशेष…………. सदियों से हम बुराई और राक्षसी वृति के प्रतीक रावण के पुतले का कभी वध कर कभी फूंक कर बुराई का अंत कर दशहरा मनाते आ रहे हैं। रावण का पुतला फूंकना तो बुराई के अंत का प्रतीक मात्र है। दिन-ब-दिन समाज में सुरसा के मुँह की तरह बढ़ … Read more

अष्टम अनुसूची की हिन्दी हित में पुनः समीक्षा अपेक्षित

ओम प्रकाश पांडेयपटना (बिहार)********************************************* विगत आधी सदी से भी कुछ अधिक अवधि से अवलोकन करता आ रहा हूँ कि क्षेत्रीय बोली के नाम पर अधिकतर व्यक्ति,कुछ से कुछ लिखते हुए गुणवत्ता के प्रति सचेत नहीं रहते हैं। फलतः अपेक्षित स्तर का प्रायः अभाव रहता है। विषय-वस्तु,भाव एवं भाषिक रूप से भी और,इसी लिए स्थानीय स्तर … Read more

आजादी रहे,लेकिन कोई लक्ष्मण रेखा का उल्लंघन न कर पाए

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************** देश के ३४ फिल्म-निर्माता संगठनों ने २ टी.वी. चैनलों और बेलगाम जनसंचार माध्यम के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में मुकदमा ठोक दिया है। इन संगठनों में फिल्मी जगत के लगभग सभी सर्वश्रेष्ठ कलाकार जुड़े हुए हैं। इतने कलाकारों का यह कदम अभूतपूर्व है। वे गुस्से में हैं। कलाकार तो खुद अभिव्यक्ति की … Read more

पंजाब के कृषि कानून से दलालों की बल्ले-बल्ले

राकेश सैनजालंधर(पंजाब)*********************************************** पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस दल की सरकार द्वारा केन्द्रीय कृषि कानूनों के विरोध में पारित अधिनियमों को देख पंचतंत्र की उस कहानी का स्मरण हो उठता है, जिसमें मूर्ख सेवक राजा की नाक से जिद्दी मक्खी को उड़ाने के लिए तलवार से वार करता है,मक्खी उड़ जाती … Read more

आत्मनिर्भरता की वादी में इकलौता ‘हींग का बिरवा’…!

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  *********************************************** न तो यह कोई ‘आयटम’ है,और न ही इसमें हिंदू-मुस्लिम वाला रूचिकर सियासी मसाला है,न ही सास-बहू का झगड़ा मिटाने की कोई पहल है,फिर भी यह खबर इसलिए दिलचस्प है कि ये आत्मनिर्भरता की वादी में हींग का वैज्ञानिक तड़का है। तड़का इसलिए,क्योंकि यही वो चीज है,जो अभी तक फिरकाई आधार पर … Read more

कोरोना:त्यौहार से अधिक जरुरी जिन्दगी

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)************************************************** ‘कोरोना’ संक्रमण सभी के लिए बहुत ही चिन्ता का विषय है। आवश्यकता यही है कि इस बीमारी से बचने के लिए जो भी सावधानियाँ बताई गई हैं, उसका हम कठोरतापूर्वक पालन करें। किसी भी हालत में मुँहपट्टी (मास्क) बिना न निकलें और ‘सामाजिक दूरी’ का भी अक्षरशः पालन करें।जैसा कि दुर्गा … Read more

निजी जीवन को बेहतर बनाएं

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** बड़ी संख्या में लोगों का व्यक्तिगत जीवन बुरे दौर से गुजर रहा है। इसका कारण है अपमान और तनाव। आप जानें कि,अपनी निजी जिंदगी को आप किस तरह खुशनुमा बनाकर रख सकते हैं। ताजा आँकड़ों के अनुसार इस समय हमारे समाज में अपमान (एंग्जाइटी) और तनाव के मरीजों की संख्या लगभग दोगुनी हो … Read more

विकास की वास्तविक सोच को आगे रख कुछ ठोस करना होगा

राजकुमार अरोड़ा ‘गाइड’बहादुरगढ़(हरियाणा)***************************************************** आज सच में हमारे देश की परिस्थिति कुछ ऐसी ही हो गई है,किसी को कुछ समझ ही नहीं आ रहा कि सही दिशा में,सही विकास की राह पर कैसे आगे बढ़ा जाए। हर कोई अंधेरे में ही हाथ-पाँव मारता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस के ६० साल के शासन को पानी पी-पी … Read more