क्यों मुझे तोड़ा
संजय गुप्ता ‘देवेश’ उदयपुर(राजस्थान) ********************************************************************* किसी चाह में,अनजान राह में पड़ा रहा मैं बनकर पत्थर, कोई कदरदान,लेगा मुझे पहचान तराश देगा मुझको थोड़ा। पर सब पाषाण,बन गये महान जब उस राह के, छूटी शरम,मिट गया भरम जिंदगी ने कहीं का ना छोड़ाl मुझ जैसों के साथ,होती है जो बात आखिर फिर वही हुई, किसी ने … Read more