क्या लिखूँ…

डोमन निषाद बेमेतरा(छत्तीसगढ़) ************************************************************* चिंतित हूँ, लिखूँ तो क्या…? मोहब्बत में, शोहरत में गम से, रम से विचलित हूँ। लिखूँ तो क्या लिखूँ…? क्या गृह संसार पर, इस शुभ विचार पर या शुभ चिंतन करूँ, और नहीं तो अभिनंदन करूँ शब्दों से सवाल करता हूँ, उलझन में हूँ, लिखूँ तो क्या लिखूँ…? ऐ खुदा, तू … Read more

मेरा सम्मान है हिन्दी

डॉ.साधना तोमर बागपत(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** हिंदी  दिवस स्पर्धा विशेष……………….. मेरा गौरव मेरा मान, मेरा सम्मान है हिंदी। मेरे संस्कारों में बसी, मेरा अरमान है हिंदी। कबीर वाणी में निखरी, नीति का गान है हिंदी। तुलसी-चौपाई में समरसता का अदभुत बखान है हिंदी। सूर-पदों में प्रभु-लीला का, मधुर गान है हिन्दी। अनुपम भक्ति में बसती, रस … Read more

हिन्दी को अपनाकर देखो

लालचन्द्र यादव आम्बेडकर नगर(उत्तर प्रदेश) *********************************************************************** हिंदी दिवस स्पर्धा विशेष……………….. माँ की लोरी गा कर देखो, हिंदी को अपना कर देखो। बिना दांत के कोमल शिशु-सा, थोड़ा तो तुतला कर देखो। भरती जो मानवता मन में, थोड़ा हिंदी गा कर देखो। सूरदास की ब्रज भाषा में, बंसी जरा बजा कर देखो। तुलसी की अवधी बानी … Read more

हिंदी भाषा को मधुर बनाएं

डीजेंद्र कुर्रे ‘कोहिनूर’  बलौदा बाजार(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** हिंदी  दिवस स्पर्धा विशेष……………….. अ आ इ ई की पहचान, स्वर व्यंजन का हो ज्ञान। हिंदी हिंदू हिन्दुस्तान, सबसे अच्छे यहां के इंसान।   आओ प्यारे मिलकर आओ, हिंदी भाषा को मधुर बनाएं। पढ़े-लिखें और जानें, देश-दुनिया में ज्ञान को फैलाएं।   गीत-ग़ज़ल-कविता संग्रह, भाषा शुद्ध चयन में हो … Read more

ये असफलता नहीं

आशीष प्रेम ‘शंकर’ मधुबनी(बिहार) ************************************************************************** ‘चन्द्रयान-२’ की उपलब्धि को असफलता नहीं कहते, पाँच कदम आगे बढ़कर एक कदम पीछे हटने को दुर्बलता नहीं कहते। याद करो वो दिन जब चन्द्रयान निकला आर्यावत की भूमि से, दुनिया ने लोहा माना, इस जीत को हम अकुशलता नहीं कहते। मंगल पर सबसे पहले हमने लहराया तिरंगा है, ‘लैंडर … Read more

हर दिल अज़ीज थे कवि `सनन`

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** सादर श्रद्धांजलि…………. “मैंने प्यार पाया है महफिलों में लोगों से। वरना मेरी जिंदगी तो जिंदगी नहीं होतीll” इन पंक्तियों के लेखक उज्जैन(मध्यप्रदेश) शहर में पिछले तीन दशक से साहित्यिक गोष्ठियों और कवि सम्मेलनों में अपनी एक अलग पहचान वाले पं. अरविंद त्रिवेदी सनन ७ सितम्बर रविवार को अचानक हृदयाघात के … Read more

अभियान `चन्द्रयान` नहीं रुकेगा

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’ बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ********************************************************************** भारत का अभियान ‘चन्द्रयान’ नहीं थमेगा,नहीं रुकेगा, अपने भारत का तिरंगा ‘इसरो’ चाँद पर फहराएगा। हम भारतवासी एक-दो,चार-छह,या आठ-दस नहीं,हैं पूरे सवा सौ करोड़, हर किसी की बदनीयती,बदमिजाज,मन्सूबे पलक झपकते ही देंगे तोड़। हम अपने घरों में भले हिन्दू,मुस्लिम,सिक्ख, इसाई हैं, पर बात आए देश की आन पे,तो … Read more

हे राम तुम्हें फिर आना होगा

पंकज भूषण पाठक ‘प्रियम’ बसखारो(झारखंड) *************************************************************************** हे राम तुम्हें फिर आना होगा, खुद अधिकार जताना होगा। नहीं मिलेगा इंसाफ तुम्हें भी, खुद हथियार उठाना होगा। याद है वो सागर की ढिठाई, पूजा-प्रार्थना काम न आयीl जब कुपित हो उठाया बाण, खुद सागर ने थी राह दिखाई। वही रूप तुम्हें दिखाना होगा, हे राम तुम्हें… अब … Read more

हे चंदा मामा! फिर आएंगे

अनिता मंदिलवार  ‘सपना’ अंबिकापुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** सफेद उज्जवल चाँदनी, लगे आसमान के मोती नन्हा बालक देखता तुझे, उसे पता है कल फिर आएंगेl प्यारे-प्यारे चंदा मामा, तेरी परछाई दिखे पानी में दुआ मेरी है चमकता रहे तू, काले बदरा भी घिर आएंगेl रात का घनघोर साया, आकाश में चाँद जगमगाया प्यारी छवि तेरी न्यारी छाया, गोल … Read more

मैं और तू

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’ पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड) ****************************************************************************** तू जीतेगा एक दिन, मैं की होगी हार। मेरा मैं तोड़न लगा, मेरा पालनहार॥ तू वासित-सा फूल है, मैं काँटा या फूस। तू बासन्ती मास है, मैं निपात या पूस॥ मैं निपात की लाकड़ी, तू तो है मधुमास। मैं सुदामा दीन बड़ा, तू किसना का रास॥ मैं सूखी-सी ताल है, … Read more