ध्वज पर न्योछावर हम..

डॉ.दिलीप गुप्ता घरघोड़ा(छत्तीसगढ़) ******************************************************** न भी घर आए तो दोस्त-सा सम्मान देते हैं, प्रेम से मांगे एक तो दो सामान देते हैं… पर लहराते तिरंगे पर टेढ़ी आँख करे कोई, तो चीर कर छाती लहू प्राण ले लेते हैं…l जय भारती,जय भारती,जय भारती, जय भारती,जय भारती,जय भारतीll फौलाद का दिल-हौंसला चट्टान रखते हैं… माँ भारती … Read more

बस ऐसी अमर कहानी हो

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’ जमशेदपुर (झारखण्ड) ********************************************************** कर्म जीवन ऐसा नूरानी हो, शिक्षा उचित मार्ग सत्य हो कर्तव्य समझ जो सयाना हो, बस ऐसी अमर कहानी हो। दु:ख के पलड़े ना हों भारी, साहस धैर्य की रवानी हो॥ रिश्तों में ध्यान मृदु वाणी हो, छल कपट के ना काँटें हो स्नेह भाव धारा सुहानी हो, … Read more

जन्मकुंडली…

निर्मल कुमार जैन ‘नीर’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************************ लोग कहते हैं जोड़ियाँ ईश्वर बनाता है, शास्त्रों में लिखा है हमारी जन्मकुंडली ऊपरवाला बनाता हैl फिर क्यों ? रिश्ते बनते और बिगड़ते हैं, क्यों दिल टूटते हैं ? क्यों अपने ही अपनों से रूठते हैंl क्यों रिश्ते, दाग़दार होते हैं ? क्यों रोज़, यहाँ भावनाओं का व्यापार … Read more

समर्थन

राजकुमार जैन राजन आकोला (राजस्थान) ****************************************************** यह जो मील के पत्थर महज पाषाण नहीं है, गति है,लय है हमारे चलने के साथ जीवन के साक्षी भी बनते हैंl जीवन में कुछ पल अपने अस्तित्व बोध में ऐसे भी होते हैं, जिनमें हम बुद्ध बन जाने को विवश होते हैंl खामोशियों में ही मन के सूने … Read more

धरती

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* (विशेष चिन्ह ‘…..’ से प्रदर्शित शब्द धरती के पर्यायवाची हैं।) धारण करती है सदा,जल थल का संसार। जननी जैसे पालती,धरती जीवन धारll भूमि उर्वरा देश की,उपजे वीर सपूत। भारत माँ सम्मान हित,हो कुर्बान अकूतll पृथ्वी,पर्यावरण की,रक्षा कर इन्सान। बिगड़ेगा यदि संतुलन,जीवन खतरे जानll धरा हमारी मातु सम,हम है इसके लाल। रीत … Read more

परिचय

तारा प्रजापत ‘प्रीत’ रातानाड़ा(राजस्थान)  ************************************************* किसका परिचय ? कैसा परिचय ? चन्द शब्दों की परिधि में, नहीं बांध सकोगे तुम मुझको। क्या जानते हो तुम मेरे बारे में ? और, क्या जानना चाहते हो ? न पहचान सकोगे तुम मुझको, मैं जो हूँ वो मैं कतई नहीं, और जो मैं हूँ उसे तुम जानते नहीं॥ … Read more

श्रेय उनको,जिन्होंने दिया ज्ञान

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ************************************************ ५ सितम्बर शिक्षक दिवस विशेष………. आज जो कुछ भी हूँ मैं, इसका श्रेय उन शिक्षकों को जिन्होंने १ से लेकर एमबीए तक पढ़ाया, और यहां तक पहुंचाया। कभी भूल सकता नहीं,उनके योगदान को, इसलिए,सदा में उनकी चरण वंदना करता हूँ॥ माता-पिता ने पैदा किया, पर दिया गुरु ने ज्ञान। तब जाकर … Read more

बादल बरसे

रश्मि लता मिश्रा बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ****************************************************************** बूंदों की रिमझिम के समय, ये बादल बरसे,बादल बरसे। आती थी बस काली घटाएं, कई दिनों तक खूब यह तरसे, मोरों ने जब नाच दिखाया इंद्र देव का मन भर माया, तब जाकर के बादल बरसे। सूर्य देव ने कृपा दिखाई, सागर जी से टेर लगाईl उड़ी लहर जब … Read more

वह प्यारा-सा गाँव

पूनम दुबे सरगुजा(छत्तीसगढ़)  ****************************************************************************** मन क्यों उबने लगा दूषित वातावरण हुआ, दिल चाहे कुछ और चलो चलें अबअपने गाँव, कि ओर… चलो चलें अब…। पगडंडी के रास्ते पतली संकरी वो गलियाँ, खेतों में झूमें बालियाँ आमों के लटकते बौर… चलो चलें अब अपने…। बहती हवा सुहानी है खेतों में बहता पानी है, जोड़ी बैलों की … Read more

सूना रहता सारा थल

सुबोध कुमार शर्मा  शेरकोट(उत्तराखण्ड) ********************************************************* कितने वृक्ष लगाये जाते हैं प्रतिपल, फिर भी हरियाली को रहती है हलचल। फाइलों में वृक्षों के आँकड़े बढ़ते जाते- फिर भी वृक्षों से सुना रहता सारा थल। कब मानव इस झूठ को सत्य करेगा, लगे वृक्षों की मन से उनकी रक्षा करेगा। जल संकट जो छाया जीवन में सबके- … Read more