तलाश उस परछाई की..
मच्छिंद्र भिसे सातारा(महाराष्ट्र) ********************************************************************************** शिक्षक दिवस विशेष…………. गुरूजी कल फिर मैंने एक मनभावन सपना देखा, मुरझाए फूल को हँसते-हँसाते आपका चेहरा ही देखा। पल्लू को कस के पकड़े,पिता की उंगली थामे, था बैठा मैं,न डर था न किसी से नफरत थी हमें उम्र ने दी दस्तक,चल पाठशाला के आँगन में, लिए हाथ कोरी पाटी और … Read more