शान्ति का परचम् लहराना है

आशा जाकड़ ‘ मंजरी’ इन्दौर(मध्यप्रदेश) *********************************************************** हमें धरा पर शान्ति का परचम् लहराना है, स्वार्थ को दूर भगा इसे स्वर्ग बनाना है। खून के रिश्ते सिसक रहे, रिश्तों में आ गयी दरार। पावनता सब नष्ट हो रही, जीवन में हो रही तकरार। ईर्ष्या-द्वेष छोड़ प्रेम की जोत जलाना है, हमें धरा पर शान्ति का परचम् … Read more

सबसे प्यारा देश हमारा

सुलोचना परमार ‘उत्तरांचली देहरादून( उत्तराखंड) ******************************************************* सबसे प्यारा देश हमारा, हम सबका अभिमान है। सबसे न्यारा देश हमारा, हम सबकी ये शान है। शत-शत नमन तुम्हें, हे देश तेरी जय हो,जय-जय हो। तेरी माटी में पैदा होकर, हम तो धन्य हुए हैं। कितने पुण्य किये होंगे, तब जन्म यहां पे लिए हैं। शत-शत नमन तुम्हें, … Read more

शुभकामनाएं

सुकमोती चौहान ‘रुचि’ महासमुन्द (छत्तीसगढ़) ********************************************************************************** अलौकिक ज्योति से, कारागृह जगमगाने लगा, दिव्य पुष्पों की सुगंध, चारों ओर महकाने लगा। जन्म लिए श्रीकृष्ण,दूर होने लगी बाधाएं, देवकी-वासुदेव को हार्दिक शुभकामनाएं। लाल को लेकर वासुदेव चले, जमुना जी चरन पखारे। गोकुल में छाई खुशियाँ, कृष्ण,यशोदा घर पधारे। मंगल बधाइयाँ गाते,देने लगे सब दुआएं। यशोदा नंदबाबा को … Read more

ईश्वर के कृपापात्र

ओमप्रकाश अत्रि सीतापुर(उत्तरप्रदेश) ******************************************************************************** ये जो जितनी भी, गगनचुंबी इमारतें दिख रही हैं, उसमें रहने वाले, सबसे खास हैं ईश्वर के। वे, पहले कृपापात्र हैं उसके, जिसके इशारे पर हवा-नदियाँ बह रही हैं। हिलते हैं वृक्षों के पत्ते, गुंजारते हैं फूलों पर भ्रमर दल, जिसकी साँसों से, करतल ध्वनि दुनिया में होती है। अधिकारी हैं … Read more

ओ मेरे कृष्ण मुरारी…

पूनम दुबे सरगुजा(छत्तीसगढ़)  ****************************************************************************** नैन मिला के तुम संग हारी, ओ मेरे कृष्ण मुरारी… ओ मेरे कृष्ण, अब तो नैन थके बनवारी, बृज की सारी यादें बिसारीl अब तो…ll रोग लगा तुमसे कन्हाई, सुख-चैन मैंने गंवाई… टूट रही आशा पल-पल, बस सुधी ले लो एक बार हमारी… श्यामा रे…l अब तो नैन…ll जो ना समझो … Read more

जह़र जिन्दगी का

ललित प्रताप सिंह बसंतपुर (उत्तरप्रदेश) ************************************************ जिन्दगी को अपनी यूँ जी रहे हैं हम। मानो जह़र जिंदगी का पी रहे हैं हम। हर वक्त हर पल तेरी याद को लेकर, किसी से कुछ नहीं कह रहे हैं हम। खूब मसखरी कर रहा है ये जमाना, सबको चुपचाप अब सह रहे हैं हम। मुद्दतों से हुयी … Read more

हमारा प्यारा हिन्दुस्तान

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ************************************************ है प्यारा बहुत देश हमारा हिन्दुस्तान, है संस्कृति इसकी सबसे निराली है। कितनी जाति-धर्म के,लोग रहते यहाँ पर, सब को स्वतंत्रता पूरी है, अपने संविधान के अनुसार। कितना प्यारा देश है हमारा हिंदुस्तान, इसकी रक्षा करनी है आगे हम सबको। कितने बलिदानों के बाद मिली है आज़ादी, कितने वीर जवानों को … Read more

मिटाया वतन का क्रंदन

आरती जैन डूंगरपुर (राजस्थान) ********************************************* रक्षा का उसे मैं बाँधूंगी बंधन, जिसने मिटाया वतन का क्रंदन। कश्मीर में भी देश का चलेगा सदन, तिरंगे में नहीं लौटेगा जवान का बदन। नहीं अब कोई पत्थर मारेगा, नहीं अब दो झंडों में देश को बाँटेगा। ३७० का अब अंत हुआ है, देश एकता का संत हुआ है। … Read more

रक्षा.

हेमा श्रीवास्तव ‘हेमाश्री’ प्रयाग(उत्तरप्रदेश) ********************************************************************* बंधन नहीं बाधूँगी भैया, ना रक्षा का वचन लूँगी। प्राण से प्यारे मेरे विरना, स्वंय रक्षा का व्रत लूँगी॥ बलिहारी जाऊँ तुझपे मेरे भईया, पर तेरी कलाई आज नहीं थामूँगी। चंदा चमके हरदम ही माथ पे भईया, पर चंदन टीका आज नहीं साजूँगी॥ मैं सक्षम बन जाऊँ खुद भैया, बस … Read more

मैंने मेहंदी रचायी

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ****************************************************************************** आज मैंने मेहंदी रचायी, सखी डोला सजाओ। हाथों में मेहंदी सजायी, सखी मुझको संवारोll आएंगे सजना बारात लेकर, सज-धज के आएंगे दूल्हा बनकर। कह दो फिजाओं से जाकर, मेहंदी रंग लाओll मेहंदी का रंग उतरे कभी ना, सजना का प्यार कम होवे कभी ना। फूलों से कह दो सखी री, … Read more