प्रकृति को बचायेंगे

प्रिया देवांगन ‘प्रियू’ पंडरिया (छत्तीसगढ़) *********************************************************************** एक-एक पेड़ लगायेंगे,प्रकृति को बचायेंगे, पेड़-पौधे लगाकर,शुद्ध हवा सब पायेंगे। पौधे सभी लगायेंगे,ताजे-ताजे फल खायेंगे, सेहत अपना बनायेंगे,सादा जीवन अपनायेंगेll सोनू-मोनू चिंटू-पिन्टू,सब मिलकर पेड़ लगायेंगे, रोज डालेंगे पानी उसमें,प्रकृति को बचायेंगे। चारों तरफ घेरा लगाकर,गाय-बकरी से बचायेंगे, क्यारी बनाकर मिट्टी ड़ालें,नये-नये पौधे लगायेंगेll

बुरा है तो वो बुरा है

संजय गुप्ता  ‘देवेश’  उदयपुर(राजस्थान) ******************************************************************** शमा जो जल उठी थी,मेरे दिल की आग से राख में क्यों ढूंढ रहे हो,निशां इस बात के, अनजान से बने रहना बुरी आदत है आपकी देख ना पाये,हुआ जो नीचे आपकी नाक के। महसूस नहीं किया,छुपे थे आपकी आस्तीन में अब पीट रहे हो लकीरें,भागते हुए साँप के, मेरी … Read more

घूंघट लतिका खोल रही

छगन लाल गर्ग “विज्ञ” आबू रोड (राजस्थान) **************************************************************************** मधुमय मुग्धा अब देख रही। लो घूंघट लतिका खोल रही॥ नव भ्रमर कंठ संगीत भरा, कोलाहल कलरव नेह धरा। अवगुंठन रस से प्राण घिरा, मृदु मुग्ध कली में प्रेम गिरा। अविरल निर्झरिणी नेह यही, लो घूंघट लतिका खोल रही॥ मधु नृत्य मगन मधुमास अहा, नव गंध भरा … Read more

`राष्ट्रीय शिक्षा नीति` पर मानव संसाधन विकास मंत्री को पत्र:संपर्क भाषा `हिन्दी` को महत्व और गौरव देने की पुरजोर मांग

प्रो. कृष्ण कुमार गोस्वामी दिल्ली *************************************************************************** डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक मानव संसाधन विकास मंत्री, मानव संसाधन विकास मंत्रालय,भारत सरकार नई दिल्ली–110 001 विषय:राष्ट्रीय शिक्षा नीति, महोदय, आपके मानव संसाधन विकास मंत्री नियुक्त होने पर मैं आपका अभिवादन और अभिनंदन करता हूँ। आशा करता हूँ कि आप जैसे कर्मठ और परिश्रमी व्‍यक्ति के नेतृत्व में यह मंत्रालय … Read more

अब हर भारतवासी समान

प्रेमशंकर ‘नूरपुरिया’ मोहाली(पंजाब) **************************************************************************** कश्मीर की कलियां खिलने लगेंगी, वो अब अपने-आपसे मिलने लगेंगी। अम्बर का भी मन नहीं अब दुखी होगा, वहां का जीव-जगत अब सुखी होगा। न अब हमारे तिरंगे का अपमान होगा, अब हर भारतवासी समान होगा। न अब वहां राष्ट्रवाद के झगड़े होंगे, सब समान कमजोर और तगड़े होंगे। अब एक … Read more

हाँ,व्यथित हूँ मैं…

गीतांजली वार्ष्णेय ‘ गीतू’ बरेली(उत्तर प्रदेश) ************************************************************************* देख के भारत माँ को वक़्त ये बोला- अंग-अंग है झूम रहा तेरा,छाई चहुँओर खुशहाली है, फिर क्यों व्यथित,क्यूँ आँख में तेरी पानी है ? बोली भारत माँ-“हाँ हूँ व्यथित मैं” मैं व्यथित हूँ उस बच्ची के लिए… जिसने सीखी थी अभी-अभी बोली, हवस के भूखे दरिंदों ने … Read more

जवानों को सलाम

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ************************************************ सलाम करते हैं हम, उन वीर जवानों को। जिनके दम पर हम, घरों में आराम करते हैं। और वो देते हैं पहरा, सीमा पर खड़े होकर। उन्हीं के दम पर हम, अमन-चैन से रहते हैं॥ उन्हें क्या मिलता है, देशसेवा करने से। किसने उनसे पूछा, कभी उनकी मर्जी को। उनके सीने … Read more

मतदान

सुकमोती चौहान ‘रुचि’ महासमुन्द (छत्तीसगढ़) ********************************************************************************** जनता मेरे देश की,करे सभी मतदान। जागेंं निज हित के लिए,हक अपना पहचान हक अपना पहचान,राष्ट्र समृद्ध बुनिए जी। सबसे यही अपील,योग्य नेता चुनिए जी। कहती ‘रुचि’ करजोर,समय में ही फल पकता। लोकतंत्र की नींव,प्रगति अब चाहे जनता। परिचय-श्रीमती सुकमोती चौहान का साहित्यिक नाम ‘रुचि’ है। जन्मतारीख-५ नवम्बर १९८२ … Read more

बुलावा

सुलोचना परमार ‘उत्तरांचली देहरादून( उत्तराखंड) ******************************************************* जब बुलावा माता का आता, हम मंदिर-मंदिर जाते हैं। पहाड़ों के हों या मैदान के, सबमें माँ के दर्शन हो जाते हैं। सुनो,जब बुलावा मेरा आया, मैं श्री केदारनाथ जा पहुंची थी। चल नहीं पाती थी दस कदम भी, वहां चौदह किलोमीटर पैदल चली थी। बगैर बुलावे के तो … Read more

स्वाधीन भारत बनाम रक्ष्य वचन पर्व

अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय ******************************************************************** थाल सजाकर बहन कह रही,आज बँधा लो राखी। इस राखी में छुपी हुई है,अरमानों की साखी॥ चंदन रोरी अक्षत मिसरी,आकुल कच्चे-धागे। अगर नहीं आए तो समझो,हम हैं बहुत अभागे॥ क्या सरहद से एक दिवस की,छुट्टी ना मिल पायी ? अथवा कोई और वजह है,मुझे बता दो भाई ? अब आँखों … Read more