आशंका

वीना सक्सेना इंदौर(मध्यप्रदेश) *********************************************** “मम्मी शुभी स्कूल से आ गई..!” ठीक साढ़े तीन पर अरिजीत का फोन आ जाता था। “नहीं बेटा अभी नहीं आई..” “घड़ी देखिए,पौने चार हो रहे हैं।थोड़ी देर बाद फिर फोन..बार-बार बेटे के फोन से अब सुधा जी को भी घबराहट होने लगी…क्योंकि,उनकी पोती स्कूल से रोज साढ़े तीन पर आती … Read more

खंडित आज़ादी

गंगाप्रसाद पांडे ‘भावुक’ भंगवा(उत्तरप्रदेश) **************************************************************** लो आया चौदह अगस्त, भारतीय इतिहास का काला दिवस, आज ही भारत माँ को बांटा गया, उसका एक हाथ काटा गया, अखंड भारत की शहीदों की कल्पना को कर दिया चूर-चूर, कर दिया सर धड़ से अलग, विभाजन की शर्त पर सत्ता लोभियों ने स्वीकारी आजादी, फैला दी जाति भेद … Read more

हिन्दुस्तान है महान

शिवांकित तिवारी’शिवा’ जबलपुर (मध्यप्रदेश) ******************************************************************** शांति का प्रतीक धर्मप्रिय सत्यशील,ऐसा देश है हमारा हिन्दुस्तान, सभी मिल-जुल के रहें,दिल की बात खुल के कहें,मन में तनिक भी नहीं अभिमान। जात और पात की ना करे कोई बात,कद्र करते हम सबके जज्बात की, दु:ख और सुख में भी खड़े रहते साथ,ना करते हम चिंता दिन और रात … Read more

अब कैसे कृष्ण,कैसे राम निकलेगा

सलिल सरोज नौलागढ़ (बिहार) ******************************************************************* तेरा न बोलना बहुत देर तक खलेगा, एक न एक दिन तेरा घर भी जलेगाl नज़र बंद हो अपनी बोई नफरतों में, फिर रहीम और कबीर कहाँ मिलेगाl चाँद को चुरा के रात को दोष देते हो, इंतज़ार करो,आसमाँ भी पिघलेगाl जाति,धरम,नाम सबसे तो खेल लिया, अब कैसे कृष्ण,कैसे राम … Read more

लहरा के तिरंगा भारत का

मालती मिश्रा ‘मयंती’ दिल्ली ******************************************************************** लहरा के तिरंगा भारत का हम आज यही जयगान करें, यह मातृभूमि गौरव अपना फिर क्यों न इसका मान करें। सिर मुकुट हिमालय है इसके सागर है चरण पखार रहा, गंगा की पावन धारा में हर मानव मोक्ष निहार रहा, फिर ले हाथों में राष्ट्रध्वजा हम क्यों न राष्ट्रनिर्माण करें। … Read more

अलविदा

मोनिका शर्मा मुंबई(महाराष्ट्र) ***************************************************************** कल्ब ये इंतज़ार करता था उस संध्या के आगमन का, जब फोन की घंटी बजती थी आपसी गुफ्त़गू के लिए। अफ़साने की शुरुआत बड़ी हसीन थी क्योंकि,आदिल अत्फ़ का खुमार चढ़ा था, छोटी-छोटी बातों में खुर्रम होने लगे और बिन वज़ह चेहरे पर तबस्सुम रहती। एक दिन वे जाते-जाते खत मेरे … Read more

तिरंगा

मोहित जागेटिया भीलवाड़ा(राजस्थान) ************************************************************************** झंडा तिरंगा, ऊँचा रहे हमारा ये गीत गाएं। ये भारत की, आजादी का पर्व है हम मनाएं। मिल के गाएं, वो वीरों की गाथाएं जो मिट गए। देश उनको, आज याद करेगा उनकी शान। सदा-सदा ही, गगन चाँद पर ये लहराएं। आओ मिल के, देश के शहीदों की शान बढ़ाएं। तिरंगा … Read more

आजादी संग मनेगी राखी

जसवंतलाल खटीक राजसमन्द(राजस्थान) ************************************************************* क्या अजीब संजोग मिला है, आजादी संग मनेगी राखी। तभी दिल में एक प्रश्न उठा है, क्या आजादी अभी है बाकीll कलाई सजेगी राखी से और, तिरंगा गर्व से लहराएगा। भाई-बहन के प्रेम गीत और, हर व्यक्ति राष्ट्रगान गायेगाll भाई देगा वचन बहना को, मरते दम तक रक्षा काl तिरंगा भी … Read more

क्या बेटियाँ ना लाएं…?

नताशा गिरी  ‘शिखा’  मुंबई(महाराष्ट्र) ********************************************************************* दुर्दम्य यौवन बिटिया पर छाया, आँखों की कालिमा गहराई। हाथ पीले कर दो बिटिया के, पास-पड़ोसी ने बात सुनाई॥ बिटिया की आँखों में डर-सा देखा, फिर भी मन ही मन मुस्काई। जगती आँखों से न जाने कितने, रंग-बिरंगे सपने सजाये॥ द्वार से द्वार भटक रहे वर की तलाश में, दाम … Read more

एक कड़वा सच है `अरिष्ट पत्रम्`

आरती सिंह ‘प्रियदर्शिनी’ गोरखपुर(उत्तरप्रदेश) ***************************************************************************************** प्रखर गूँज प्रकाशन के सानिध्य में झालावाड़(राजस्थान) की वंदना शर्मा द्वारा रचित एकल काव्य संग्रह अरिष्ट पत्रम् समाज की कड़वी सच्चाई को बयान करता है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि यह कड़वा ही होगा,मगर एक सच्चाई यह भी है कि औषधि एवं सत्य हमेशा कड़वा ही होता … Read more