सड़क बेचारी

डॉ.दिलीप गुप्ता घरघोड़ा(छत्तीसगढ़) ******************************************************** सड़क बेचारी गूंगी दुखियारी देखती है चुपचुप, आदमी का दु:ख.. आदमी की भूख…, प्रशासन को चुप्प… और महसूसती है हवा का रुखl गिरगिट की तरह घड़ी-घड़ी रंग बदलता आदमी, बोराया;कुकुर-सा भौंकता भागता काटता आदमी, एक-दूजे को चीरते-फाड़ते औ चीरते-फाड़ते आदमी, चुप्प सब देखती है वक्त की मारी, गूंगी बन रहती है … Read more

‘प्रेम’ यानि आत्मा से आत्मा का मिलन

सारिका त्रिपाठी लखनऊ(उत्तरप्रदेश) ******************************************************* संसार में अलग-अलग स्वभाव के अलग-अलग व्यक्ति हैं। सभी में अलग-अलग कुछ विशेष गुण होते हैं,जिसे व्यक्तित्व कहते हैं। कुछ विशेष व्यक्तित्व विशेष व्यक्ति को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं। यही आकर्षण जब एक-दूसरे के विचारों में मेल पाता है। एक-दूसरे के लिए त्याग का भाव अनुभव करता है,एक-दूसरे के लिए … Read more

बदलेगा कश्मीर

दुर्गेश कुमार मेघवाल ‘डी.कुमार ‘अजस्र’ बूंदी (राजस्थान) ****************************************************************** ३७० और ३५-ए की बेड़ियां थी जो गल गई, कश्मीर के साथ भारत की भी किस्मत आज बदल गई। पक्ष-अलगाव के जो बैठे थे,अपनों से आज बेगाने हैं, कौन है अपना-कौन पराया,अब तक ना पहिचाने हैं। भारत-मुकुट पर गहरा मेल था,वो भी अब उजल गया, कश्मीर फिजां … Read more

रक्षाबंधन

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’ रावतसर(राजस्थान)  *********************************************************************************- स्नेह भरा आँखों में मन में चली प्यार की आँधी, हर्षित मन से बहना ने भाई को राखी बांधीl माथे पर कुंकुम का टीका राखी भरी कलाई, बहना दे आशीष और ये वचन दे रहा भाईl बहना तेरी राखी का मैं मोल चुका ना पाऊँगा, पर तेरी रक्षा करने … Read more

प्यास

ओम अग्रवाल ‘बबुआ’ मुंबई(महाराष्ट्र) ****************************************************************** जाके दिल में हो सदा,नेह स्नेह की प्यास। बबुआ उनसे राखिये,अपनेपन की आस॥ बड़ा हुआ तो क्या हुआ,जो बड़पन न आय। जैसे सागर तीर से,बबुआ प्यासो जाय॥ नीति नियत सब ठीक हो,करिये सत्य प्रयास। बबुआ वैसी तृप्ति हो,जैसी मन में प्यास॥ भूख लगे रोटी मिले,प्यास लगे तो नीर। मालिक इतना … Read more

रक्षाबंधन पर्व

मनोरमा जोशी ‘मनु’  इंदौर(मध्यप्रदेश)  **************************************************** रक्षाबंधन पर्व निकट रहा, मन आतुर व्याकुल ये कह रहा- मैं उसको तिलक लगाऊंगी। जिसका तन पाषाण-सा द्दढ़ हो, जिसके बाहुबल में बल हो मन गंगा-सा निर्मल हो, जो मातृभूमि का संबल हो मैं उसको तिलक लगाऊँगी। जो बन गुलाब का फूल खिले काँटों के जंगल में खेले संघर्षों में … Read more

रब किसका

निर्मल कुमार शर्मा  ‘निर्मल’ जयपुर (राजस्थान) ***************************************************** रब उसका, बेज़ार है जिसका तू है किसका ! तेरी तू जाने, पर,मैं तो उसका जो है सबका। वो हर सू है, पर,दिखे उसी को जो है उसका। ऐसा क्यों है कि, वो दिखे न सबको वो तो सबका। तू तो सबमें, बस ऐब ढूँढता तो,क्या देखेगा! झाँक जरा … Read more

खत्म करना है लड़ाई

नरेंद्र श्रीवास्तव गाडरवारा( मध्यप्रदेश) ***************************************************************** मत लड़ो मेरे दोस्त, लड़ना ठीक बात नहींं, लड़ने में विचारों में रहती है अशांति, चेहरे पर रहती हैं रेखाएं, दिल में भ्रांति हमें नहीं भाती किसी की सीख, हम उलझे रहते हैं सदैव लड़ने की फिराक में, मौके की ताक में हमारा पूरा समय, बीत जाता है इसी बात … Read more

अनमोल हीरा ‘मुंशी प्रेमचंद’

मच्छिंद्र भिसे सातारा(महाराष्ट्र) ********************************************************************************** शारदे की वीणा से, झंकृत हुई होगी कभी धरा शब्द थे आसमाँ में बिखरे, न था कोई सहारा सोए समाज को जगाने, और कलम के बहाने शब्दों को मिला था, स्वररूपी अनमोल एक हीरा…। ‘कोहिनूर’ का नूर सिर्फ महल की शान है, यह हीरा देखो यारों हिंद-हिंदी के मुकुट का मान … Read more

बार-बार जन्में ऐसी नारियां

सुशीला रोहिला सोनीपत(हरियाणा) ************************************************************** नाम को किया है सार्थक वाणी की प्रबलता से, विपक्ष को बाँध लिया राजनीति का था भरपूर ज्ञान, ऐसी भारत की बेटी जन्मी सुषमा स्वराज। बुद्धि का कौशल,शील स्वभाव व्यक्तित्व की धनी, दया-भाव था भरपूर करूण-रस आत्मा में बहता, परदेश से छुड़ा लाई भारत की नन्हीं जान। ‘आयरन लेडी’ की ख्याति … Read more