सड़क बेचारी
डॉ.दिलीप गुप्ता घरघोड़ा(छत्तीसगढ़) ******************************************************** सड़क बेचारी गूंगी दुखियारी देखती है चुपचुप, आदमी का दु:ख.. आदमी की भूख…, प्रशासन को चुप्प… और महसूसती है हवा का रुखl गिरगिट की तरह घड़ी-घड़ी रंग बदलता आदमी, बोराया;कुकुर-सा भौंकता भागता काटता आदमी, एक-दूजे को चीरते-फाड़ते औ चीरते-फाड़ते आदमी, चुप्प सब देखती है वक्त की मारी, गूंगी बन रहती है … Read more