ख्वाब

आशुतोष कुमार झा’आशुतोष’  पटना(बिहार) **************************************************************************** झूठे ख्वाबों को कोस रहा, अपने मंसूबों को रोक रहा। देखता रोज ही ख्वाब वो, अकेला कर रहा राज वो। अंधेरे का है मालिक वो, उजाले का देखता ख्वाब वो। बचपन से करता आया संघर्ष वो, आज भी कर रहा संघर्ष वो। बूझते दीपक की लौ की भाँति बुझ रहा, … Read more

मृत्यु भोज ऐसा कराना बेटा…

विजयलक्ष्मी जांगिड़ ‘विजया’  जयपुर(राजस्थान) ***************************************************************** हाँ बेटा, मेरी मृत्यु पर तुम भी एक मृत्यु भोज कराना। सड़क पर कचरे से, भूख मिटाती गइया है न, उसे भरपेट हरा चारा खिलाना, फिर जीभर शीतल जल पिलाना, और देखो! सड़क पर जो आवारा से घूमते श्वान दिखे, तो उन्हें भरपेट भोजन करानाl हाँ,एक काम जरूर करना, सबसे … Read more

महर्षि वाल्मीकि:खगोल और ज्योतिष के प्रकांड पंडित

हेमेन्द्र क्षीरसागर बालाघाट(मध्यप्रदेश) *************************************************************** आश्विन माह में शरद पूर्णिमा के दिन महर्षि वाल्मीकि का जन्म हुआ था। वाल्मीकि वैदिक काल के महान गुरु,यथार्थवादी और चतुर्दशी ऋषि हैं। महर्षि वाल्मीकि को कई भाषाओं का ज्ञान था। संसार का पहला महाकाव्य रामायण लिखकर ‘आदि कवि’ होने का गौरव पाया। वाल्मीकि ने कठोर तप के पश्चात महर्षि की … Read more

किसान का दर्द

डीजेंद्र कुर्रे ‘कोहिनूर’  बलौदा बाजार(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** हल चलाते किसान,परिश्रम खूब करते हैं, लेकिन सेठ साहूकार अपनी तिजोरी भरते हैं। कितनी भी मुसीबत हो किसान धैर्य धरते हैं, कौन समझे किसान का दर्द,वे कितना तड़पते हैं॥ स्वयं भूखे रहकर,औरों को भोजन कराते हैं, परिवार का पालन करते,बच्चों को पढ़ाते हैं। धूप हो या वर्षा हो,परिश्रम निरंतर … Read more

क्योंकि उनका मन ही नहीं…

गोलू सिंह रोहतास(बिहार) ************************************************************** एक बार फिर सजेगी आँसूओं की सेज मेरी, एक बार फिर रोऊँगा याद में उनकी… क्योंकि,उनका मन ही नहीं-उनका हूँ मैं, एक बार फिर टूट गए सारे सपने मेरे मन के। एक बार फिर बरसात होगी, बादल आँखों में झलक रहे हैं… घाव बढ़ते ही जा रहे हैं इस तन के। … Read more

सच्ची दीवाली

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’ धनबाद (झारखण्ड)  ************************************************************************** भाइयों आने वाली है धनतेरस, पास हो पैसे तो लो इसमें रस ना हो पैसे तो फिर तू तरस, कहूँ मैं हर परिस्थिति में तू हँस। करते हो भाई तुम यदि व्यापार, सजाए होंगे सामानों से दरबार खूब होगा इस दिन तेरा कारोबार, मनाएंगे खुशी ये सब सपरिवार। … Read more

लड़की…

निर्मल कुमार जैन ‘नीर’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************************ करो पोषण- लड़की पर कभी न हो शोषण। लड़की पढ़े- नित नये सपनों को वह गढ़े। करो दुलार- लड़कियों पर न हो अत्याचार। न करो भूल- लड़की नही होती चरण धूल। न हो व्यापार- क्यों लुटती लड़की सरे बाज़ार। परिचय-निर्मल कुमार जैन का साहित्यिक उपनाम ‘नीर’ है। आपकी … Read more

परिवार में है ताकत

उमेशचन्द यादव बलिया (उत्तरप्रदेश)  *************************************************** जीवन में है भागा-दौड़ी, मुश्किल से मिलती फूटी-कौड़ी व्यस्तता के इस दौर में, मत भूलिए आचार-विचार करिए ऐसा कर्म सदा कि, खुश रहे जगत-परिवार इस पर हो जीवन न्योछावर, परिवार में ओ है पावर(ताकत)। मत तोड़िए परिवार से नाता, वहाँ बसते हैं जीवन के दाता भाई- बहन-भाभी और माता, इन्हें … Read more

बंद करो ‘बिग बॉस’

आरती जैन डूंगरपुर (राजस्थान) ********************************************* खुले बदन की नारी, लगने लगी इन्हें कंचन। जबसे आया है ‘बिग बॉस’ सा मेरे देश में मनोरंजन। बिन सात फेरों के साथ में सोने का यह देते काम। क्या इस देश में हुए माँ, सीता और मर्यादा वाले राम। मनोरंजन के नाम पर परोस रहे है यह हवस। नेता … Read more

करवा चौथ

रश्मि लता मिश्रा बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ****************************************************************** करवा चौथ मनाती सुहागन, सलामत रहे कहे रब से रे साजन। कार्तिक महीने का चंदा यह प्यारा, छलनी से देखा चाँद दोबारा। करनी तसल्ली अब पूजा करूंगी, व्रत का अपने परायण करूंगी। पिन्नी का भोग चाँद को लगाया, सुनाई कहानी पियूंगी अब पानी। आज सिंगार में कमी नहीं है, … Read more