गाँव की सैर
अनिता मंदिलवार ‘सपना’ अंबिकापुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** एक बार हम चले करने गाँव की सैर, आपस में सब मिल रहे नहीं किसी से बैरl हरियाली-हरियाली दिखती चहुँ ओर, गाड़ी मोटर की नहीं आता कोई शोरl घर की छत से दिखते हैं अदभुत नजारे, पास बुलाती हैं हमको बाँहें फैला बहारेंl सब-कुछ अच्छा है वहाँ हुआ बहुत विकास, … Read more