गाँव की सैर

अनिता मंदिलवार  ‘सपना’ अंबिकापुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** एक बार हम चले करने गाँव की सैर, आपस में सब मिल रहे नहीं किसी से बैरl हरियाली-हरियाली दिखती चहुँ ओर, गाड़ी मोटर की नहीं आता कोई शोरl घर की छत से दिखते हैं अदभुत नजारे, पास बुलाती हैं हमको बाँहें फैला बहारेंl सब-कुछ अच्छा है वहाँ हुआ बहुत विकास, … Read more

रेल यात्रा या जेल यात्रा…!

तारकेश कुमार ओझा खड़गपुर(प. बंगाल ) ********************************************************** ट्वीटर से समस्या समाधान के शुरूआती दौर में मुझे यह जान कर अचंभा होता था कि महज किसी यात्री के ट्वीट कर देने भर से रेल मंत्री ने किसी के लिए दवा तो किसी के लिए दूध का प्रबंध कर दिया। किसी दूल्हे के लिए ट्रेन की गति … Read more

डॉ.पांडेय गद्य में प्रथम तो लालचंद यादव बने पद्य में पहले विजेता

‘हिंदी दिवस’ विशेष स्पर्धा के परिणाम घोषित-छग,राजस्थान और महाराष्ट्र के रचनाशिल्पी भी जीते इंदौर। हिन्दीभाषा डॉट कॉम परिवार द्वारा रचनाकारों के हौंसले और लेखन की श्रेष्ठता के लिए सतत स्पर्धा का क्रम जारी है। इसके अंतर्गत ‘हिंदी दिवस’ विशेष स्पर्धा के परिणाम १३ अक्टूबर को जारी किए गए हैं। इसमें गद्य विधा में डॉ.धाराबल्लभ पांडेय … Read more

प्रणय मन की प्रतीक्षा करता है,कल की नहीं

‘प्रणय शतक’ काव्य लोकार्पित……………….. इन्दौर(मध्यप्रदेश)। प्रणय मन की प्रतीक्षा करता है कल की नहीं,प्रेम अर्चना करता है। चंद्रभान भारद्वाज में नए दुष्यंत कुमार दिखाई देते हैं। मैं भारद्वाज की भाव,भाषा- शैली का प्रशंसक हूँ। यह उदगार समिति के सभापति एवं कार्यक्रम के अध्यक्ष सत्यनारायण सत्तन ने हिंदी साहित्य समिति द्वारा साहित्यकार चंद्रभान भारद्वाज की आठवीं … Read more

तेरी पायल की झनकार

कृष्ण कुमार कश्यप गरियाबंद (छत्तीसगढ़) ************************************************************************** हो गया दिवाना,देखा जबसे तुमको, ना रहा ठिकाना,भूल गया खुद को। करती मेरा दिल बेकरार, तेरी पायल की झनकार। चाँद-सा चेहरा तेरा, आँखों से दिल में उतर गया। सोने न देती मुझे, दिल धड़काती है यार सदा। होंठों की लाली,कानों की बाली, आँखों का काजल,करता है घायल। पागल करती … Read more

चाँद

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’ छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) ********************************************************************  ऐ चाँद, तुझे देख, मुझे लगता है यूँ, दुनियादारी के, रंग सभी, तुझमें है भरे, कितना है मतलबी, तू देख अरे…l सूरज का, ले प्रकाश, प्रथमा-द्वितीया को, विनीत भाव से, सूरज के संग, खड़ा रहता है, और सूरज की, सहायता से, सहानुभूति से, जब तेरी, प्रगति होती … Read more

`जनता के राष्ट्रपति` भारत रत्न अब्दुल कलाम की यादों का गुलदस्ता

राजेश पुरोहित झालावाड़(राजस्थान) **************************************************** १५ अक्टूबर जन्मदिवस विशेष…………….. मिसाइल मैन,देश के प्रसिद्ध अभियन्ता व भारत के पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जन्म १५ अक्टूबर १९३१ को धनुष कौड़ी ग्राम रामेश्वरम तमिलनाडु में हुआ था। वे एक मध्यमवर्गीय मुस्लिम परिवार में जन्मे थे। इनके पिताजी मछुआरों को नाव किराये पर देने का काम करते थे। … Read more

उम्मीद

गीतांजली वार्ष्णेय ‘ गीतू’ बरेली(उत्तर प्रदेश) ************************************************************************* जबसे हमने होश संभाला है, उम्मीदों को ही पाला है शाम को पापा आएंगें, खेल-खिलौने लाएंगे। पूरा दिन इसी इंतजार में निकाला है, हमने उम्मीदों को ही पाला है…॥ उम्मीद थी पिता को बहुत, बेटा नाम कमाएगा मेहनत कर इस दुनिया में, कुछ तो कर दिखलाएगा। किन्तु बेगारी … Read more

कब तक गिनते जाएंगे

शशांक मिश्र ‘भारती’ शाहजहांपुर(उत्तरप्रदेश) ************************************************************************************ हम सैनिकों के शव यूँ ही कब तक गिनते जाएंगे, आतंक और आतंकियों को कब सबक सिखलायेंगे। देश कह रहा बहुत हो गया,अब बचा है धैर्य नहीं- ये इनके आकाओं की छाती पर भी तिरंगा फहरायेंगे॥ परिचय–शशांक मिश्र का साहित्यिक उपनाम-भारती हैl २६ जून १९७३ में मुरछा(शाहजहांपुर,उप्र)में जन्में हैंl वर्तमान … Read more

आर्थिक मंदी और रविशंकर का फिल्मी चश्मा…

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************************************** क्या देश में सचमुच आर्थिक मंदी है ? अगर है तो वह सत्ताधीशों को क्यों नहीं दिख रही और नहीं है तो आम आदमी अपनी तंग जेब और काम-धंधों को लेकर इतना बेचैन क्यों है ? यदि देश में आर्थिक मंदी है तो वह व्यापक राजनीतिक असंतोष के रूप में व्यक्त … Read more