भ्रष्ट नेताओं और धर्म के नाम पर पाखंड करने वालों पर कड़ा प्रहार है ‘सिंहनाद’

बोधि प्रकाशन सभागार में ‘मनु’ के काव्य संग्रह का लोकार्पण………. जयपुर(राजस्थान)। यह कविताएं स्वराज के पक्ष में जान पड़ती हैं,जिनमें राष्ट्र की विकराल समस्याओं के समाधान की कल्पना अनूठी है। कवि का व्यथित हृदय स्थितियों में बदलाव चाहता है। पुस्तक में कवि ने भ्रष्ट नेताओं और धर्म के नाम पर पाखंड करने वालों पर कड़ा … Read more

शरद का चाँद

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरे मंडला(मध्यप्रदेश) *********************************************************************** चंदा देता चाँदनी,देता शीतल नेह। पुलकित तन हर एक के,उल्लासित है देह॥ शुभ्र ज्योत्सना है मधुर,छेड़े मधुरिम राग। ऐ मेरे अनुराग अब,क्यों कर ना तू जाग॥ अमिय बरसता है सतत्,अब तो सारी रात। प्रकृति दे रही ऐ ‘शरद’,यह नेहिल सौगात॥ उजला सबका तन हुआ,मन भी निखरा ख़ूब। हर इक … Read more

था वो काठियावाड़ी

विजयलक्ष्मी विभा  इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश) ********************************************************* आओ सुनाऊं बच्चों, गाथा तुम्हें न्यारी, जिसने दिया स्वराज,था वो काठियावाड़ी । कर में थी एक लाठी,तन पर थी लंगोटी, थी एक भुजा लम्बी कुछ एक थी छोटी… था भाल बहुत ऊंचा सर पर न बाल थे, बच्चों बड़े अदभुत उन बापू के हाल थे। देखी न कभी ऐसी प्रतिमा यहां … Read more

अब न रूठना

अजय जैन ‘विकल्प’ इंदौर(मध्यप्रदेश) **************************************************************************** तुमको गम नहीं,उतना रूठ जाने का, जितना है हमको,किसी के न मनाने का। हम सोचते थे अक्सर,आओगे तुम मनाने, तुमने सोचा मना लेंगे,कौन से हैं बेगाने… आएंगें तो कहेंगे कि-अब न रूठना, हम भी कह देंगे,-दिल न दुःखाना। मनाकर उन्हें जो ले आएंगे हम, हर ओर होगा खुशी का मौसम…। … Read more

संघर्ष

डॉ.एन.के. सेठी बांदीकुई (राजस्थान) ************************************************************************* ये जीवन एक संघर्ष है, इससे हार नहीं मानो। कदम-कदम है एक चुनौती, इससे लड़ने की ठानो॥ विघ्न और बाधाओं से जो, कभी नहीं घबराता है। जीवन की कठिन परीक्षा में, सफल वही हो पाता है॥ जब तक ये अपना जीवन है, बाधाओं का अंत नहीं। जीवन राह भरी काँटों … Read more

सकल आसमां,सरस चंद्रमा

पंकज भूषण पाठक ‘प्रियम’ बसखारो(झारखंड) *************************************************************************** शरद पूर्णिमा विशेष……………….. धवल चाँदनी,शरद पूर्णिमा, सकल आसमां,सरस चंद्रमा। बरस रही है सुधा भी झर-झर अँजुरी भर भर उसको पी लो। पुलकित धरती,हर्षित काया, मुग्ध हुआ देख अपनी छायाl निशा शबनमी हुई है निर्झर, अँजुरी भर-भर उसको पी लो। रजत वर्ण से हुई सुशोभित, शरद पूर्णिमा निशा तिरोहितl अमृत … Read more

दंगे की जड़

डॉ.चंद्रेश कुमार छतलानी  उदयपुर (राजस्थान)  ************************************************************************** आखिर उस आतंकवादी को पकड़ ही लिया गया,जिसने दूसरे धर्म का होकर भी रावण दहन के दिन रावण को आग लगा दी थी। उस कृत्य के कुछ ही घंटों बाद पूरे शहर में दंगे भड़क उठे थे। आतंकवादी के पकड़ा जाने का पता चलते ही पुलिस स्टेशन में कुछ … Read more

शरद पूर्णिमा मनाएंगे

प्रिया देवांगन ‘प्रियू’ पंडरिया (छत्तीसगढ़) *********************************************************************** `शरद पूर्णिमा` मनाएंगे,घर में खीर बनाएंगे, अमृत बरसेगा खीर में,मिल-बांट कर खाएंगे। चाँद की रौशनी से,सारा जग जगमगाएगा, सोलह कला से पूर्ण हुआ,अमृत वह बरसाएगा। जो-जो अमृत खाएगा,बीमारी छू न पाएगा, शीत बरसेगी धरती पर,मोती-सा बन जायेगा। जब बरसेगी ओस की बूंदें,ठंड की लहरें होगी, धुंधला हो जाएगा आसमां,गीत … Read more

औरत

तारा प्रजापत ‘प्रीत’ रातानाड़ा(राजस्थान)  ************************************************* औरत का दर्द न औरत समझे, पुरुष भला क्या समझेगा ? औरत ने औरत को सताया, ताने मारे दिल को दुखाया, बन कर सास बहू को जलाया, कन्या भ्रूण गर्भ में मिटाया। सम्मान सास को बहू न देती, जूठन अपना उसे खिलाती, सेवा-भाव का अभाव है देखा, वृद्धाश्रम का द्वार … Read more

अजय वीर निर्भय बनो

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** अजय वीर निर्भय बनो,भारत माँ के लाल। बहुत हुआ आतंक अब,करो उसे बदहाल॥ शौर्यवीर भारत सपूत,सीमा प्रहरी शान। नापाकी इस पाक का,करो धरा अवसान॥ बहुत हुआ बलिदान अब,बहुत सहे अपमान। कुल कपूत अंगार बन,पाक बना शैतान॥ ब्रह्मोशी राफेल अब,पृथिवी अग्नि सशस्त्र। कर प्रयोग तेजस प्रखर,छोड़ अपाचे अस्त्र॥ शक्ति … Read more