तुम बिन सूनी-सूनी गलियाँ

गुलाबचंद एन.पटेल गांधीनगर(गुजरात) ************************************************************************ तुम बिन सूनी-सूनी ये गलियाँ कान्हा, वृंदावन छोड़कर मत जाओ कृष्ण कन्हैया। तुम बिन सूनी-सूनी हैं गलियाँ, नहीं दिख रहा है यहाँ कोई खेलैया। तेरे बिन सूनी-सूनी रुक्मणी राधा, सूख गया है बाग-बगीचा और पौधा। एक बार तुम लौट कर आ जाना, फिर कभी हमें छोड़,कभी मत जाना। यशोदा मैया ने … Read more

भीगता सावन

सौदामिनी खरे दामिनी रायसेन(मध्यप्रदेश) ****************************************************** मुझको पागल बना गया ये भीगता सावन, कुछ अमिट याद बना गया ये भीगता सावन, आँखों को बरसना आ गया नन्हीं बूंदों का नजारा भा गया, हर कोई कहने लगा- लो सावन आ गया। ये भीगता सावन… काली घटाओं से सँवरना आ गया मेघों-सा बरसना आ गया, सुन बूंदों की पुकार … Read more

तीज पर्व

सुशीला रोहिला सोनीपत(हरियाणा) ************************************************************** खेतों में हरियाली छाई,बागों में बहार आई, तीज की हरियाली,दिलों में प्रेम की मस्ती छाई। आई तीज बो गई बीज,झोली खुशियों से भर लाई, बागों में झूले पड़ गए,पक गई कच्ची अमियाँ… घर आ जा परदेशी,राह निहारे एक जोगनिया। शिव की चाहत पार्वती मैया,मैया की चाहत शिव, तपस्या हुई पूर्ण है,पार्वती … Read more

विरह

तारा प्रजापत ‘प्रीत’ रातानाड़ा(राजस्थान)  ************************************************* कैसे जाऊं भरने गागर, मन की गगरी रीती है। विरह अग्न में विरहन को, पल लगे सदियां बीती है। झर गये पत्ते आशाओं के, सूखा जीवन पतझर-सा, लगे है जैसे विष विरह का साँस-साँस में पीती है। याद में तेरी गीली लकड़ी, बन जैसे सुलगती है, न जलती न बुझती … Read more

किसान(मर्सिया)

शैलेश गोंड’विकास मिर्ज़ापुरी’ बनारस (उत्तर प्रदेश) ************************************************************************ (रचना शिल्प:फाएलातुन,फाएलातुन,फाएलातुन,फाएलुन) खेत में सूखा पड़ा था,अब्र में बरखा नहीं। थी किसानों को ज़रूरत तो फ़लक बरसा नहीं। आज फसलें पक गई जब,तू जरा ठहरा नहीं, हो गई बर्बाद फ़स्लें,फिर भी तू तड़पा नहीं। अब रुलाएगी सियासत खून के आँसू हमें, फिर से ले के आएगी वो,थाली में … Read more

दोस्ती बनाए रखना

अजय जैन ‘विकल्प इंदौर(मध्यप्रदेश) **************************************************************************** ४ अगस्त मित्रता दिवस विशेष……….. अँधेरे हो या उजाले,खुशियों से निभाए रखना, वक्त कैसा भी गुजरे,दोस्ती बनाए रखना। तेरा-मेरा वजूद,भले मुखतलिफ तो हो तो, आपके हाथ है,इसे एक दिल बनाए रखना। और भी चलेंगे,हमसाए तो आपके साथ कई, मर्जी आपकी कि,हमें परछाई बनाए रखना। दोस्त तो कई मिलते हैं,जीवन के … Read more

इन्तज़ार

राजबाला शर्मा ‘दीप’ अजमेर(राजस्थान) ******************************************************************************************** ज़िंदगानी के सफ़र में एक अजब राही हैं हम, पास आई ठुकरा दी मंजिल,और फिर ढूंढा किए। उनकी गली से यूँ तो,हम हैं गुजरे बेशुमार, उनके घर के सामने,उनका पता पूछा किए। इस सादगी पर उनकी,मैं क्या कहूं कोई कहे, गैर की चर्चा वह मेरे सामने किया किए। साथ वो … Read more

दिल्ली से सीखे सब सरकारें

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने ऐसा एतिहासिक काम कर दिखाया है,जिसका अनुकरण भारत की सभी प्रांतीय सरकारों को तो करना ही चाहिए। हमारे पड़ौसी देशों की सरकारें भी उससे प्रेरणा ले सकती है। ‘आआ’ पार्टी की इस सरकार ने दिल्लीवासियों के लिए २०० यूनिट प्रति माह की बिजली का बिल … Read more

माँ

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’ बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ********************************************************************** ओ…माँ…,ओ….माँ….,ओ…माँ…,ओ…माँ…..। तू मेरा जीवन है, तू मेरा तन-मन है। तुझी से धड़कन है, ओ…माँ…,ओ…माँ…। ओ…माँ…,ओ…माँ…ll मुझमें ही देखा सुख अपना,तूने न देखा दु:ख कोई अपना, मेरी खुशियों की खातिर देखा,जागती आँखों से सपना। मेरे हर दु:ख में तेरी ये आँखें बही। मेरी नींदों के लिये ये रातों में … Read more

सृष्टि की अनमोल कृति हूँ

रेनू सिंघल लखनऊ (उत्तर प्रदेश) ******************************************************************** मैं अभिव्यक्ति हूँ, गूँथ कर शब्दों के मोती मन के भाव पिरोती हूँ, एहसासों से हृदय आसन पर श्रृंगार सृजन का करती हूँl मैं ही कविता,मैं ही गीत, मैं ग़ज़ल कहलाती हूँ धड़कन की हर लय ताल पर, जीवन राग सुनाती हूँ साँसों से जुड़ी है सरगम, प्रेम राग … Read more