राजनीति में बीज गणित का सवाल-महाराष्ट्र

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** राजनीति करने वाली ताकतें सच में बेहद ताकतवर होती हैं। हम सोच भी नहीं सकते, उससे भी ज्यादा ताकतवर होती हैं। सिर्फ ताकतवर ही नहीं होती है,देश को जोड़ने, तोड़ने के साथ सरकारों को बनाने,बिगाड़ने और दिग्भ्रमित करने का इनमें अप्रतिम कौशल होता है। सरकार बनाना कोई मजाक या बच्चों … Read more

दिवाली क्या गई,जीना हराम कर गई

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** दिवाली वैसे तो खुशी का त्योहार है,हर कोई चाहता है कि, उसके जीवन में दिवाली आए,पर कुछ लोगों को लगता है कि भगवान करे इस बार दिवाली नहीं आए,क्योंकि दिवाली आने के पहले ही उनको तनाव शुरू हो जाता है,और दिवाली के बाद तो उनका जीना हराम हो जाता है। … Read more

नाउ,नो मोर नेतागिरी…

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरे मंडला(मध्यप्रदेश) *********************************************************************** जब हम स्कूल में पढ़ते थे,और एन.सी.सी में ट्रेनिंग करने जाते थे,तो हमें सिखाया जाता था कि नेता का मतलब होता है-वह जो कि नेतृत्व कर सके,ग्रुप को लीड कर सके! और बताया गया था कि ये गुण हर आदमी में होना चाहिए! तो मुझे नेता शब्द से बहुत … Read more

नियम तो एक सजा है

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** हम भारत के लोग हमेशा से नियम तोड़ने में विश्वास रखते हैं। नियम में रहे तो क्या जीवन। जीवन तो अलमस्त हो,तभी मजा है। नियम तो वैसे भी गले में रस्सी जैसा होता है। साला एक सीमा में रहो,इससे ज्यादा कुछ मत करो,पर हम तो कुछ अलग करने में विश्वास … Read more

कवि हैं हम

मच्छिंद्र भिसे सातारा(महाराष्ट्र) ********************************************************************************** अच्छा हुआ नेता नहीं हूँ, जो चुनाव में भी चूना पान को नहीं, भोली जनता को लगाते हैं। हम सम्मान से नहीं, शब्दों से शान बढ़ाते हैं वह कवि हैं हम, जीवन सुख-दु:ख के गीत हम गाते हैं। नेता और कवि एक मंच पर जब भी मिलते हैं, एक वचनों से … Read more

`हनी` की वैतरणी

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** सबसे बड़ा रोग क्या कहेंगे लोग,और लोग क्या कहेंगे इसकी चिंता किए बगैर कुछ काम कुछ लोग कर लेते हैं,तो बाद में मुँह दिखाने के लायक भी नहीं रहते,क्योंकि जब लोग कहते हैं तो इज्जत का फालूदा ही बनता है। अब हनीट्रैप को ही देख लो, लिव इन में हनीमून … Read more

शुभकामनाओं में संभावनाएं

सुनील जैन राही पालम गांव(नई दिल्ली) ******************************************************** शुभकामना संदेश देखकर मन घबरा जाता है। शुभकामना का आना बिना बुलाये मेहमान की तरह खतरनाक हो गया है। शुभकामना दिखाई देती है,पहला प्रश्‍न उठता है-किसने भेजी,क्‍यों भेजी ? पिछले दिनों संबंध कैसे रहे,क्‍या इनसे कभी कोई काम करवाया या किसी काम के लिए,किसी को भेजा है,तमाम प्रश्‍न कौंध … Read more

मेंढकों का तलाक भी हो गया,अब तो थमो मेघराज…!

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************************************** हाय ये आसमानी आफत! मध्य प्रदेश सहित देश के पश्चिमी हिस्से में मानसून ने जिस अड़ियलपन के साथ डेरा डाल रखा है,उसने बारिश की सारी रोमांटिकता को ही बेस्वाद कर दिया है। दो माह पहले जिस कारे बदरा को रिझाने प्रदेश की राजधानी के महादेव मंदिर में मेंढकों का ब्याह हुआ … Read more

जहर बांटते हैं…

डॉ.रामकुमार चतुर्वेदी सिवनी(मध्यप्रदेश) ****************************************************** दबा पान मुख में बगल देखते हैं, सदा थूकने की जगह झांकते हैं। कभी भी कहीं भी पचक कर चलें वो, बड़ी शान से फिर सड़क नापते हैं। इधर भी नजर है,उधर की खबर भी, शहर ये हमारी डगर जानते हैं। बहे लार मुँह से अधर लाल करते, बना लार कैंसर … Read more

लोकतंत्र भी बीमार हो गया

डॉ.रामकुमार चतुर्वेदी सिवनी(मध्यप्रदेश) ****************************************************** आज लोकतंत्र भी बीमार हो गया यहाँ। देशद्रोह रक्तचाप यार हो गया यहाँll वोट मंत्र भेदभाव की धुनी रमा रहे। जात-पात संक्रमण बुखार हो गया यहाँll वैद्य नब्ज देख रक्त में कमी बता रहे। देशप्रेम खून में विकार हो गया यहाँll तोड़-फोड़-जोड़-तोड़ अब उन्हें सुहा रहा। राजनीति में समझ निखार हो … Read more