आम आदमी की समस्याओं को उकेरा `सवालों की दुनिया` ने

डाॅ.आशा सिंह सिकरवार अहमदाबाद (गुजरात )  **************************************************************** सवालों की दुनिया ग़ज़ल संग्रह वरिष्ठ साहित्यकार कृष्ण बक्षी का है। विगत पाँच दशक से निरन्तर नवगीत और ग़ज़ल लिख रहे इस संग्रह में आपने आम आदमी की समस्याओं को व्यापक तौर पर उकेरा है,जिसके मूल में देश की वास्तविक परिस्थितियों को केन्द्र में रखकर ग़ज़लें लिखीं गई … Read more

चुभन पहचान लेना तुम

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** (रचना शिल्प:अरकान-१२२ १२२२ १२२२ १२२२) सदा रहती नहीं है ये जवानी मान लेना तुम। नहीं सब व्यर्थ हो जाये समझ इंसान लेना तुम। ख़ुदा के पास जाना है करम कुछ हो तेरा ऐसा, हकीकत में यहाँ भगवान को अब जान लेना तुम। ज़रा-सी जिंदगानी है गुमां करना नहीं … Read more

मैं नहीं गा सका गीत तुम्हारे…

प्रेमशंकर ‘नूरपुरिया’ मोहाली(पंजाब) **************************************************************************** मैं नहीं गा सका गीत तुम्हारे, मीठे नहीं कर सका समुंदर खारे। बटोरने में लगा रहा बिखरे मोती, जो टूट कर बिखर गए हैं प्यारे॥ मैं नहीं गा सका गीत तुम्हारे… मानवता बिलख रही चारों ओर, फैला है आतंक का घना शोर। सवा अरब बेटों की माँ भारती, है दुःखी,सबके विचार … Read more

बुढ़ापा

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** हो के नौजवान तुम हँसते हो वृद्धों पर, तेरी बात तेरी माँ को देखना रुलायेगी। जो सारे संस्कार तुम भूलते ही जा रहे हो, अब तेरे तात को भी नींद नहीं आयेगी। ठीक नहीं अपनी जवानी पर यूँ गुमान, आएगा बुढापा,कोई चीज नहीं भायेगी। भले कितना भी क्रीम तेल … Read more

गुलाब

सुलोचना परमार ‘उत्तरांचली देहरादून( उत्तराखंड) ******************************************************* मैं गुलाब हूँ,गुलाब हूँ,गुलाब हूँ, तेरी आँखों में पलता मैं ख्वाब हूँ। घर-आँगन की शोभा तो होता हूँ में, सब फूलों का राजा भी होता हूँ मैं। खिलता मुस्काता सदा काँटों में हूँ, तुम्हें जीवन की सीख दे जाता हूँ। तुम न तोड़ो मुझे डाल से यूँ, मैं गुलाब … Read more

श्रीकृष्ण चालीसा

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* दोहा- गुरु चरणों में है नमन,वंदन श्री भगवान। शारद माँ रखना कृपा,करूँ कृष्ण गुणगान॥ चौपाई- कृष्ण अष्टमी भादौ मासे। प्राकृत जीव वन्य मनु हासे॥ जन्मत मिटे मात पितु बंधन। प्रकटे निशा देवकी नंदन॥ लिए छबरिया में शिशु सिर धर। चले निहंग बदन पद पथ पर॥ मेह रात्रि जल यमुना बाढ़ी। पितु … Read more

आस्था विश्वास

डीजेंद्र कुर्रे ‘कोहिनूर’  बलौदा बाजार(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** आँख मूंद कर विश्वास न कर, जज्बात में आकर विश्वास न कर। कुछ ठोस सबूत तो जान ले, सच्चे इंसान को पहचान कर। कोई धोखा दे तो उसे माफ कर, फिर उस पर विश्वास न कर। आई कठिनाइयों से संघर्ष कर, अपनी मेहनत पर विश्वास कर। स्वयं पर पहले … Read more

भज रे मन श्रीकृष्ण

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** नारायण कारा जनम,लिया कंस संहार। असुर कर्म आतंक से,मुक्त किया संसार॥ नारायण अनुराग मन,पूत देवकी गेह। भाद्र मास तिथि अष्टमी,वासुदेव नर देह॥ कृष्ण अमावश कालिमा,जात कृष्ण अभिराम। कालिन्दी दे सुगम पथ,नंदलाल सुखधाम॥ लीलाधर षोडश कला,वासुदेव रच रास। राधा संग अठखेलियाँ,कर नटवर उल्लास॥ पीताम्बर घन श्याम तनु ,मोरमुकुट नित … Read more

इश्क़ के रूप

गीतांजली वार्ष्णेय ‘ गीतू’ बरेली(उत्तर प्रदेश) ************************************************************************* स्नेह,मोहब्बत,प्रेम,प्यार, इश्क़ के ये संगी चार। परस्पर प्रेम मानव का, है सुखी जीवन का आधार। माँ प्रेम से हो अभिभूत, शिशु को दूध पिलाती है। कृष्ण रूप देख शिशु में, इश्क ममता बन जाती है। ले आलिंगन में प्रिय को, लैला-मजनूं की कथा सुनाते हैं। तोड़ लाऊँ चाँद … Read more

उम्मीद

नरेंद्र श्रीवास्तव गाडरवारा( मध्यप्रदेश) ***************************************************************** उम्मीद है किसान को, इस साल बरसेगा पानी जम के फसलें लहलहायेंगी खूब…। उम्मीद है कौए को, जलेबी खा रहे बच्चे के हाथ से गिरेगा जलेबी का टुकड़ा…। उम्मीद है चिड़िया को, कमरे में टंगी हुई फोटो के पीछे वह बना लेगी घोंसला…। उम्मीद है भिखारी को, कोई तरस खाकर … Read more