इश्क़ अंज़ाम

पंकज भूषण पाठक ‘प्रियम’ बसखारो(झारखंड) *************************************************************************** (रचनाशिल्प:२१२ २१२ २१२ २१२) याद आएं अगर एक पैगाम दो, नाम लेकर मेरा इश्क़ अंजाम दो। प्यार में जब कभी तुम तड़पने लगो, हिचकियों को सदा तुम मेरा नाम दो। छोड़ दो क्या जमाना कहेगा यहाँ, दिल सुकूँ जो मिले वही जाम दो। हम तुम्हें चाहते इस कदर हैं … Read more

वह दिन कब आएगा ?

शशांक मिश्र ‘भारती’ शाहजहांपुर(उत्तरप्रदेश) ************************************************************************************ हम सब साथ-साथ पर सैनिकों के शव कब तक गिनते जाएंगे, वह दिन कब आएगा जब इनकी छाती पर चढ़ तिरंगा फहराएंगे। देश कह रहा बहुत हो चुका अब धैर्य नहीं रख सकते हम हैं- शहादत की परीक्षाएं अनेक दे लीं,परिणाम लेकर कौन आएंगे॥ परिचय–शशांक मिश्र का साहित्यिक उपनाम-भारती हैl … Read more

बेवफा

रश्मि लता मिश्रा बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ****************************************************************** बेवफा मुझको बता रहे हो, अपनी कहो क्या छुपा रहे हो। मेरी वफाओं को भूल कर के, जहर यह कैसा पिला रहे हो। इंतहा की हद हो गई थी, कह कर गए थे कल आ रहे हो। बेवफा कहना आसा बहुत है, अपनी वफा क्या निभा रहे हो। बेवफा … Read more

चाह मिलन निशि रैन

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** तन्वी श्यामा चन्द्रिका,नैन नशीली धार। बिम्बाधर अस्मित वदन,कशिश बनी तलवारll घायल कर अनुराग से,नज़र नुकीली नैन। मचकाती गजगामिनी,उभ नितम्ब हर चैनll उन्नत नित पीनस्तनी,उच्छल जलधि तरंग। अदा रूमानी खासियत,सँवरी तनु नवरंग॥ नैन प्रीति चितवन चपल,मधुरिम भाष सुभाष। गाल लाल किसलय समा,नवरस मन अभिलाषll प्रिय विरही वियोगिनी,बहे नैन रसधार। … Read more

प्रकृति की गुहार

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’ बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ********************************************************************** ओ आसमां वाले तू कभी आ तो जमीं पे, दे बन्दगी बन्दों को कभी आ के जमीं पे। ओ आसमां वाले… हर कोई यहां तेरे बनाये को मिटाता, बनाये को मिटाता, पर कोई मिटाये को नहीं फिर से बनाता, नही फिर से बनाता। हैं पेड़,नदी-नाले,सभी खत्म जमीं पे, … Read more

मुफ्त बाँटने की होड़ कब तक ?

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* भारतीय राजनीति में खैरात बांटने एवं की सविधाओं की घोषणाएं करके मतदाताओं को ठगने एवं लुभाने की कुचेष्टाओं का प्रचलन बढ़ता ही जा रहा है। महाराष्ट्र एवं हरियाणा विधानसभा चुनाव के सन्दर्भ में ऐसी अतिश्योक्तिपूर्ण घोषणाओं को देखा एवं आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव को देखते हुए अरविन्द केजरीवाल ऐसी ही घोषणाओं … Read more

प्यार दिल से करो

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ******************************************** दिल से प्यार करोगे, तो ही दिल खिलेंगे। दिल में अगर प्यार हो, तो ही सब अपने बनेंगे। भले ही दूर क्यों न हो, पर दिल से दिल तो मिलेंगेl और प्यार-मोहब्बत से, ये दुनिया निरन्तर चलती रहेगीll कहने को तो बहुत कुछ है, पर कहने से हम डरते हैं। क्योंकि,प्यार … Read more

शरद ऋतु

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* सर्दी का संकेत हैं,शरद पूर्णिमा चंद्र। कहें विदाई मेह को,फिर आना हे इन्द्र। फिर आना हे इंद्र,रबी का मौसम आया। बोएँ फसल किसान,खेत मानो हरषाया। शर्मा बाबू लाल,देख मौसम बेदर्दी। सहें ठंड की मार,जरूरत भी है सर्दी। मौसम सर्दी का हुआ,ठिठुरन लागे पैर। बूढ़े और गरीब से,रखती सर्दी बैर। रखती सर्दी … Read more

संघर्ष

प्रेमशंकर ‘नूरपुरिया’ मोहाली(पंजाब) **************************************************************************** संघर्ष जीवन का प्रमुख हिस्सा है, इसमें खुशियां ढूंढो यारों। संघर्ष कर गतिशील रहना होता है, संघर्ष करते ही मानव अपनी उपस्थिति दर्ज कराता है। संघर्षों के सागर में, नवीन ऊर्जा के साथ आगे कदम बढ़ाना होती है संघर्ष की पहचान। रवि स्वयं एक संघर्ष से जूझकर, प्रतिदिन उदित होता है, … Read more

लंदन में नए दक्षिण एशिया का सपना

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** लंदन से मैं दिल्ली के दस दिन के प्रवास में ‘दक्षिण एशियाई लोक संघ’ (पीपल्स यूनियन ऑफ साउथ एशिया) का मेरा विचार यहां काफी जड़ पकड़ गया है। पड़ौसी देशों के ही नहीं, ब्रिटेन और इजरायल के कई भद्र लोगों ने भी सहयोग का वादा किया है। उनका कहना था … Read more