चाहत

कुँवर प्रताप सिंह कुंवर बेचैन प्रतापगढ़ (राजस्थान) ********************************************************************** चाहा था हमने फूल बनना गुलिस्तां का, पर फूलों को तन्हा छोड़ देते हैं लोग। फूलों के लिए लाजमी है खिल के रहना, मुरझाते ही मुँह अपना मोड़ लेते हैं लोग। यूँ भी मुरझा जाना है चार दिन के बाद, पहले ही जाने क्यूँ फिर तोड़ लेते … Read more

ले जा तू सलाम मेरा

वन्दना शर्मा’वृन्दा’ अजमेर (राजस्थान) *********************************************************************** ससुराल से बेटी का सन्देश- पुरवइया जाना मेरे बाबुल के देश रे, ले जा रे सलाम मेरा ले जा सन्देश रे- थोड़ी धीमी-धीमी चलना,थोड़ी सहमी-सहमी चलना, घूँघट गोरी का उड़े न,मिट्टी आँख में गिरे न। तुझको अपना सा दिखेगा परिवेश रे… पुरवइया जाना- गाँव की सीमा पर मिलेगी,माता सती निहाली, … Read more

करवाचौथ

सुशीला रोहिला सोनीपत(हरियाणा) ************************************************************** करवाचौथ व्रत है निराला, ‘करवा’ देता सीख महान सेवा प्रेम भक्ति का जल, चित्त में समाए, सदगुरु भेद बताएँ आत्म पति का हो ध्यान लगाएं, करवाचौथ व्रत का विधान। चौथ है चार क्रियाओं का ज्ञान, जो नर-नारी जाने वो महान परमप्रकाश है पति का रूप, अनहद नाद का है स्वर अमृत … Read more

गीत प्यार के गाऊंगा

जसवंतलाल खटीक राजसमन्द(राजस्थान) ************************************************************* करवा चौथ मनाऊंगा, मैं गीत प्यार के गाऊंगा। मैं भी तो अपनी सजनी के, खूब लाड़ लड़ाऊंगा॥ करवा चौथ मनाऊंगा… जब जब उसको देखता हूँ, मन खुश हो जाता मेरा। जब-जब उसके पास जाऊं, तो दिल बहल जाता मेरा। उसके अहसासों को मैं तो, गीत-ग़ज़ल में पिरोऊंगा॥ करवा चौथ मनाऊंगा… जब-जब … Read more

सावरकर साम्प्रदायिक थे या शुद्ध बुद्धिवादी ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** स्वातंत्र्यवीर सावरकर का स्वतंत्र भारत में क्या स्थान है ? न तो उन्हें भारत रत्न दिया गया,न संसद के केन्द्रीय कक्ष में उनका चित्र लगाया गया,न संसद के अंदर या बाहर उनकी मूर्ति स्थापित की गई,न उन पर अभी तक कोई बढ़िया फिल्म बनाई गई,न उनकी जन्म-शताब्दी मनाई गई और … Read more

अमृत सुधा

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’ रावतसर(राजस्थान)  ********************************************************************************* समुद्र मंथन प्रसंग…………. तपता सूरज आग लगाये चन्द्र सुधा बरसाये, बहुत जरूरी है दोनों ही मानव जीवन पाये। मथा जलधि को देव दानवों ने घट विष का पाया, कैसे सृष्टि बचेगी इससे समझ यही नहीं आया। देवों की विनती सुन भोले जहर पी गये सारा, इस सृष्टि को घोर … Read more

`एचीवर अवॉर्ड-२०१९` से डॉ. गुलाब चंद पटेल सम्मानित

बड़ौदा(गुजरात)l अमीर सत्या फाउंडेशन (सिरसा,हरियाणा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमन लवली मोगा द्वारा सांसद डॉ. किरीट भाई सोलंकी(अहमदाबाद),सांसद महेंद्र भाई मुजपरा (सुरेंद्र नगर) और निदेशक (एडीसी बैंक) बीपिन भाई पटेल की उपस्थिति में सामाजिक कार्यकर्ता तथा लेखक डॉ. गुलाब चंद पटेल(गांधी नगर,गुजरात) को एचीवर अवॉर्ड-२ २०१९ से सम्मानित किया गयाl नशा मुक्ति अभियान के प्रणेता तथा … Read more

नियम तो एक सजा है

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** हम भारत के लोग हमेशा से नियम तोड़ने में विश्वास रखते हैं। नियम में रहे तो क्या जीवन। जीवन तो अलमस्त हो,तभी मजा है। नियम तो वैसे भी गले में रस्सी जैसा होता है। साला एक सीमा में रहो,इससे ज्यादा कुछ मत करो,पर हम तो कुछ अलग करने में विश्वास … Read more

कुछ लोग

शिवम द्विवेदी ‘शिवाय’  इंदौर (मध्यप्रदेश) ******************************************************************** ज़िन्दा हूँ मैं कुछ लोग जान गए, पागल हूँ मैं कुछ लोग मान गए क्या हुआ यदि वो हमें न समझे, लहज़े तो देखो खुद को जान गएl ये दूर की बातें हैं शिवम् हर शक्ल इंसान, बड़े किरदार का नहीं होता खुद तो हम कुछ नहीं कर सके, … Read more

कागज की नौका

अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय ******************************************************************** माता का उपदेश नहीं बच्चे को कुछ भी भाया। बारिश में नौका लेकर पानी के बीच चलाया॥ बिनु पतवार कागजी नौका इधर-उधर बल खाती। कभी पास में आते-आते दूर बहुत हो जाती॥ लहरों के संग उठते-गिरते असमंजस हो जाता। नौका के संग बाल हृदय भी डूब-डूब उतराता॥ सहसा पीछे से … Read more