करीब और तुम जरा चले आओ…

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’ बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ********************************************************************** मेरी शाख के काँटों पे मत जाओ, मेरे करीब और तुम जरा चले आओ। मेरी पंखुड़ी छू के बहक जाओगे, मेरी खुशबू पा के महक जाओगे। मेरी शाख… मेरी बादशाही तो हर चमन में है, रंगत नहीं मुझ सी गुलशन में है। रंगत नहीं मुझ सी गुलशन में … Read more

माते अब मंगल कर दे

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’ जमशेदपुर (झारखण्ड) ******************************************* हे मातु भवानी,हे जगकल्याणी, महर तुम्हारी माँ आँचल भर दे। हे जन्मदात्री,हे सुखदायिनी, तू है माते अब मंगल कर दे। विद्या विवेक शक्ति है तुमसे, हृदय हमारे तेरी भक्ति भर दे। मातु वरदायिनी हो कृपासिंधु, मन व्याकुल माँ संकल्प भर दे। तुम्ही सर्वव्यापी जीवनदायिनी, नयनों मे मेरी वो … Read more

मानव मूल्य कहाँ बच पाए…

ओम अग्रवाल ‘बबुआ’ मुंबई(महाराष्ट्र) ****************************************************************** स्वार्थ परस्ती में बोलो अब, ‘मानव मूल्य कहाँ बच पाए’, मानव तो कहलाते हैं पर,मानवता हम कब रच पाए। नारी के शोषण पर बोलो,क्या आँखें नम होती हैं ? भूखे-नंगे बच्चों पर क्या,अपनी आँखें रोती हैं ? घर के बड़े-बुजुर्गों पर भी,हमको तरस नहीं आता, अग्रज और अनुज का भी … Read more

घमंड और रावण

मधुसूदन गौतम ‘कलम घिसाई’ कोटा(राजस्थान) *****************************************************************************  दशहरा निकल गया,रावण जल गया,पर मेरे मन में प्रश्न अनेक सिर उठा रहे हैं।आखिर यह नवराते वर्ष में २ बार क्यों आते हैं ? रावण क्यों जलाया जाता है हर साल ? फिर भी नहीं मरता रावण..। यदि बुराई पर भलाई की जीत इसका कारण होता तो कंस पर … Read more

दीप जलाएं

प्रिया देवांगन ‘प्रियू’ पंडरिया (छत्तीसगढ़) *********************************************************************** आओ साथियों दीप जलाएं, मिलकर हम खुशियां मनाएं। दीपक से रौशनी जगाएं, अंधियारे को दूर भगाएं। एक-एक दीप जलाकर हम, जग में उजाला लाएं। छोटे-बड़े सब मिलकर, दीवाली का त्योहार मनाएं। मीठे-मीठे पकवान बनाकर, मिल-बांट कर हम खाएं। करे शरारत बच्चे मिलकर, फुलझड़ी घर पर जलाएं। आओ साथियों दीप … Read more

झिझक

निर्मल कुमार शर्मा  ‘निर्मल’ जयपुर (राजस्थान) ***************************************************** झिझक मेरी,झिझक उसकी, सिले लब,ना हुई बातें, तसव्वुर में,फिर इक-दूजे से, बतियाते कटी रातेंl किया वादा ये खुद से खुद ही, कि मैं अब न झिझकूँगा, मिलूँगा जब,बयाँ उसको, हाले-दिल सब मैं कर दूँगा मगर जब फिर मिले,तो यूँ मिली नजरें,हुआ फिर ये, अदब से मेरी और उसकी हया … Read more

भरो माँ रंग जीवन में

पंकज भूषण पाठक ‘प्रियम’ बसखारो(झारखंड) *************************************************************************** सती चण्डी जगत जननी,महादेवी उमा गौरी, भवानी मात जगदम्बा,महाकाली महागौरी। भरो माँ रंग जीवन में, ‘प्रियम’ की चाह है इतनी- तुम्हारा हाथ हो सर पे,सदा आशीष माँ गौरी। भरो माँ रंग जीवन में,..समर्पण भाव भक्ति माँ, करूँ पूजा सदा तेरी,…भवानी आदि शक्ति माँ। नहीं कोई बड़ी हसरत,..नहीं है चाह … Read more

स्वच्छ भारत बनाना है

डीजेंद्र कुर्रे ‘कोहिनूर’  बलौदा बाजार(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** न फेंक कूड़ा कचरा तितर-बितर, गंदगी फैलेगी इधर-उधर। स्वच्छता पर ध्यान दे, बीमारियों को दूर भगाना है। स्वच्छ भारत बनाना, प्रेम की गंगा बहाना है। ना कर उपयोग प्लास्टिक का, कागज की थैली बनाना है। हर जगह सफाई रखना, जग को सुंदर बनाना है। स्वच्छ भारत बनाना, प्रेम की … Read more

जैसे बारिश से बेनूर…

सलिल सरोज नौलागढ़ (बिहार) ******************************************************************* वो इस कदर बरसों से मुतमइन है, जैसे बारिश से बेनूर कोई ज़मीन है। साँसें आती हैं,दिल भी धड़कता है, सीने में आग दबाए जैसे मशीन है। आँखों में आखिरी सफर दिखता है, पसीने से तरबतर उसकी ज़बीन है। अपने बदन का खुद किरायेदार है, खुदा ही बताए वो कैसा … Read more

अम्बे गौरी मैया..

निर्मल कुमार जैन ‘नीर’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************************ खप्पर वाली- दुष्टों की संहारक काली कल्याणीl तुझको ध्याते- ब्रम्हा विष्णु महेश महिमा गातेl करता भक्ति- हे!अम्बे गौरी मैया तू मेरी शक्तिl सुन लो मैया- फँसा भव सागर पार हो नैयाl हे!जग माता- तू है हम सबकी भाग्य विधाताl परिचय-निर्मल कुमार जैन का साहित्यिक उपनाम ‘नीर’ है। आपकी … Read more