हिन्दी अलख जगाएंगे

आशीष प्रेम ‘शंकर’ मधुबनी(बिहार) ************************************************************************** हिंदी  दिवस स्पर्धा विशेष……………….. हम बन्दे हैं भारत माँ के अपना फर्ज निभाएंगे, हिन्द देश,हिन्दी भाषा की घर-घर अलख जगाएंगे। यह भाषा हर नाम सिखाती हर दिल में अरमान जगाती, है दुनिया में इसकी रौनक यह हमको पहचान दिलाती। इसका कर्ज बहुत है हम पर कैसे करुं बयां किस कदर, … Read more

हिंदी मेरी जान

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** हिंदी  दिवस स्पर्धा विशेष……………….. हिन्द देश के हैं हम वासी,हिंदी मेरी जान है। मैंने तन-मन वार दिया,मेरी जां कुर्बान है॥ वंदे मातरम् वंदे मातरम्,धरती का ये राग है, भारत वासी बेटा है,सबकी यही जुबान है। हिन्द देश के हैं हम… अंग्रेजी पढ़ लेना तुम,अंग्रेज नहीं बन जाना, देशद्रोह … Read more

गौरव है हमारी हिंदी

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’ जमशेदपुर (झारखण्ड) ******************************************* हिंदी  दिवस स्पर्धा विशेष……………….. भाषा अनुपम सदा लगे मोहनी, कहते सब गौरव है हमारी हिंदीl लहू में घुली धमनियों में बहती, संपर्क की भाषा जन-जन हिंदीl वैदिक काल में संस्कृत थी रसी, दशवीं शताब्दी में अपभ्रंश सजीl अमीर खुसरो किये भारत भ्रमण, उत्तर-दक्षिण सर्व जोड़ना पहलl खालिकबारी शब्दकोश … Read more

शिरोधार्य हिंदी

विजयसिंह चौहान इन्दौर(मध्यप्रदेश) ****************************************************** हिंदी  दिवस स्पर्धा विशेष……………….. भारत माता के, माथे की बिंदी है हिंदीl सुंदर,सरल, और सहज है, हिंदीl कल-कल बहती, नदी तो कहीं निर्मल जल-सी, मधुर धार है हिंदीl अनेकता में एकता का, स्वर और हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, हिंदीl रग-रग में दौड़ती, हर भारतीय की पहचान है, हिंदीl साहित्य के सागर … Read more

मातृभाषा का सवाल

ललित प्रताप सिंह बसंतपुर (उत्तरप्रदेश) ************************************************ हिंदी  दिवस स्पर्धा विशेष……………….. मातृभाषा हिन्दी हमसे करती है सवाल, समझ नहीं आती क्यूँ शुद्ध हिन्दी में बात। यूँ बदली है युवा पीढ़ी अलग है उनकी बात, इंगलिश में करते हैं हर अब आपस में बात। फ्रिक नहीं है उनको कि हिन्दी का क्या हाल, हो रहा है पतन … Read more

हिन्दी भाषा

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’ बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ********************************************************************** हिंदी  दिवस स्पर्धा विशेष……………….. धरा माथे की बिंदिया है हिन्दी भाषा, हिन्द के जन-मन में रचती-बसती हिन्दी भाषा। विश्व शिखर पर है हिन्दुस्तानी हिन्दी भाषा, हिमालय के शिखर से तराइयों तक है हिन्दी भाषा। हिन्दी भाषा मान-अभिमान,शान और जान है, नभ के जैसे दिन में सूरज,रात में तारे … Read more

राष्ट्रभाषा हूँ मैं

रेणु झा ‘रेणुका’ राँची(झारखंड) ******************************************************************* हिंदी  दिवस स्पर्धा विशेष……………….. राष्ट्रभाषा हूँ मैं, उस देश महान की हिमालय के गोद में बसे, प्यारे हिन्दुस्तान की। युगों से ग्रंथ,काव्यों में, विचरती थी,हर लफ्ज पर मैं ही संवरती थी, आज ये हालात कि अपने ही देश में, मैं मेहमान-सी… मैं राष्ट्रभाषा हूँ, हिन्दुस्तान की। अब ‘हिंदी दिवस’ पर, … Read more

हिंदी अभिमान

गरिमा पंत  लखनऊ(उत्तरप्रदेश) ********************************************************************** हिंदी  दिवस स्पर्धा विशेष……………….. हिन्दी हमारी जान है, हिंदी हमारी शान है। हिंदी हमारी बोली है, फिर भी हिंदी उदास है। हिंदी हमारी चेतना है, हिंदी हमारी संस्कृति है। हिंदी हमारी वेदना है, फिर भी हिंदी उदास है। हिंदी हमारी आत्मा है, हिंदी हमारी संवेदना है। हिंदी हमारी लाज है, फिर … Read more

अपनी बात

शशांक मिश्र ‘भारती’ शाहजहांपुर(उत्तरप्रदेश) ************************************************************************************ हिंदी  दिवस स्पर्धा विशेष……………….. मैं, अपनी बात कहता हूँ हिन्दी में, वह अपनी कहते हैं अंग्रेजी में तो दूसरे कहते हैं गुजराती और, मराठी में; सभी कहने में लगे हुए हैं अपनी-अपनी बात, न वह हमारी सुनते और- न हम उनकी सुनते बात, शायद- कोई समझाने वाला भी नहीं, अरे! … Read more

हिन्दी का रसपान

कार्तिकेय त्रिपाठी ‘राम’ इन्दौर मध्यप्रदेश) ********************************************* हिंदी  दिवस स्पर्धा विशेष……………….. आज हमारी भाषा का हम उतना ही सम्मान करें, सदियों से पाती जो माता उतना ही गुणगान करें। वो ही अपनी भाषा है जो लोरी गाकर जी बहलाती, मन के सारे अहम भाव को फिर दूर वही कर जाती है। अधर हमारे जब भी मिलते … Read more