हिंदी भारत माँ की बिंदी है

सुबोध कुमार शर्मा  शेरकोट(उत्तराखण्ड) ********************************************************* हिंदी  दिवस स्पर्धा विशेष……………….. यह कैसी शर्मिन्दी है, हिंदी भारत माँ की बिंदी है। अपनी ओर निहारो तुम, इसको जरा सँवारो तुम। भारती का सौंदर्य है यह, इसकी जग में बुलन्दी है॥ हिंदी भारत माँ… सरल विमल है जिसकी छवि, ज्योतिर्मय हो जैसे रवि। प्रकाश पुंज है भावों का, मर्यादा … Read more

हमारी पहचान हिंदी

कृष्ण कुमार कश्यप गरियाबंद (छत्तीसगढ़) ************************************************************************** हिंदी  दिवस स्पर्धा विशेष……………….. अंतर्मन की आवाज हिन्दी, प्रकृति का अनुराग हिन्दी। हिन्दुस्तान की शान हिन्दी, कलमवीरों का मान हिन्दी। हम सबका अभिमान हिन्दी, शहीदों का बलिदान हिन्दी। संस्कृति की पहचान हिन्दी, देश का स्वाभिमान हिन्दी। मजदूरों की मेहनत हिन्दी, धनवानों की शोहरत हिन्दी। किसानों का पसीना हिन्दी, सैनिक … Read more

हिंदी भाषा

मोहित जागेटिया भीलवाड़ा(राजस्थान) ************************************************************************** हिंदी  दिवस स्पर्धा विशेष……………….. मैं हिंदी माँ का बेटा हूँ हिंदी का सम्मान लिखूँगा, मैं अपने गीत,ग़ज़ल,कविता से ये पहचान लिखूँगा, आज मुझे हिंदी की बिंदी का जो भी प्यार मिला है- हिंदी के पंख पर आसमान में उड़ान लिखूँगाl हिंदी हम सबकी शान हो हिंदी भाषा से प्यार हो, हिंदी … Read more

सौतन

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* हिंदी  दिवस स्पर्धा विशेष……………….. सौतन मेरे प्रिय सखे रचनाधर्मी, अशेष स्नेहाशीष। आज मैं अपनी पीर कहानी पत्र द्वारा तुम्हें बता रही हूँ,क्योंकि राजसभा में द्रौपदी से भी बदतर स्थिति है मेरी वर्तमान में। अब तो बस श्रीकृष्ण की तरह तुम्हारा ही भरोसा शेष है। इसी आशा और विश्वास से पत्र लिख … Read more

घायल हुआ हूँ मैं

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** तुमसे नजर मिली है तो घायल हुआ हूँ मैं, तेरे निखरते रूप का कायल हुआ हूँ मैं, कोई किसी की चाह में गिरता नहीं ऐसे- ‘आकाश’ मेरा नाम है पायल हुआ हूँ मैं। परिचय-वकील कुशवाहा का साहित्यिक उपनाम आकाश महेशपुरी है। इनकी जन्म तारीख २० अप्रैल १९८० एवं जन्म … Read more

अमृत से भी मीठी बोली

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’ रावतसर(राजस्थान)  *********************************************************************************- हिंदी  दिवस स्पर्धा विशेष……………….. मुझे नहीं है सभी विश्व की भाषाओं का ग्यान, मैं करता हूँ अपनी हिंदी भाषा पर अभिमान। हिन्दी वेदों की वाणी है हिन्दी भारत की पहचान, भारत का जन-जन करता है हिन्दी का सम्मान। भारत भाल का मुकुट है ये हिन्दी ही मातृ समान, उर्दू,इंग्लिश … Read more

भाषा निहित समाज है

पंकज भूषण पाठक ‘प्रियम’ बसखारो(झारखंड) *************************************************************************** हिंदी  दिवस स्पर्धा विशेष……………….. भाषा निज सम्मान है,भाषा से पहचान। भाषा निहित समाज है,भाषा से अरमान॥ मातृभाषा से अपनी,करते सब हैं प्यार। मातृभाषा बोल बड़ी,है अपना हथियार॥ हिंदी भाषा हिन्द की,अंग्रेजी को छोड़। दिल बसा ले स्वदेशी,इससे नाता जोड़॥ हिंदी भाव सहज बड़ी,मीठे इसके बोल। भाषा सब हिंदी खड़ी,कानों … Read more

जीवन की ऊर्जा हिन्दी

सुरेश चन्द्र सर्वहारा कोटा(राजस्थान) *********************************************************************************** हिन्दी केवल नहीं हमारे भावों की अभिव्यक्ति, यह तो है जीवन की ऊर्जा प्राणों की है शक्ति। देती आई राष्ट्र-एक्य को एक यही आधार, भारत के भाषा-पुष्पों का यही पिरोती हार। एक सूत्र में जोड़ रही है यह सारा ही देश, इसको बोलें तो लगता है महका-सा परिवेश। हो आदर … Read more

अनेकता में एकता हिंदी

अनिल कसेर ‘उजाला’  राजनांदगांव(छत्तीसगढ़) ****************************************************************************** हिंदी  दिवस स्पर्धा विशेष……………….. हिंदी हिंदी सुन्दर हिंदी, सूझ-बूझ नई क्रांति हिंदी। ज्ञान हिंदी मान हिंदी, बन गई पहचान हिंदी। गंगा-सी पावन हिंदी, साहित्य की जान हिंदी। प्यासे की तृप्ति हिंदी, पूजा की थाल हिंदी। भक्तों की भगवान हिंदी, अनेकता में एकता हिंदी। मधु-सी मिठास हिंदी, मीरा का प्यार हिंदी। … Read more

हिंदी-शतावली

दुर्गेश कुमार मेघवाल ‘डी.कुमार ‘अजस्र’ बूंदी (राजस्थान) ****************************************************************** हिंदी  दिवस स्पर्धा विशेष……………….. मन मन्दिर की आरती हिंदी, भारत की माँ भारती हिंदी। हिन्दजनों को तारती हिंदी, ज्ञानीजनों की सारथी हिंदी। शब्द नए-नए जारती हिंदी, शब्दकोश को सारती हिंदी। सर्वरूपों को धारती हिंदी, जग भाषा में उदारती हिंदी। नित नए शब्द ढालती हिंदी, आप विद्वता विशालती … Read more