गौरेया अँगना में आजा..
संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर(मध्यप्रदेश) ********************************************************************************** गौरेया इंसानों के साथ रहने वाला छोटा पक्षी(चिड़िया) वर्तमान में विलुप्ति की कगार पर जा पहुंचा है। ये छोटे-छोटे कीड़ों को खाकर प्रकृति का संतुलन बनाए रखने में सहायक है। गौरेया के कम होने का कारण विकिरण का प्रभाव तो है ही,इसके अलावा उनकी देखभाल पर इंसानों का ध्यान कम … Read more