करवा चौथ

डॉ.साधना तोमर बागपत(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** नीरा सुबह-सुबह घर के सब कार्य निपटाने में लगी थी। कालेज से उसने आज छुट्टी ले ली थी,साथ ही धीरे-धीरे कोई गीत गुनगुना रही थी। “क्या बात है आज बड़े मूड में हो,कालेज नहीं जाना क्या ?” “नहीं,आज मैंने छुट्टी ले ली ?” “अच्छा चलो दो कप चाय बना लो,बालकनी … Read more

क्यूँ देखे तू चंदा

पंकज भूषण पाठक ‘प्रियम’ बसखारो(झारखंड) *************************************************************************** (रचनाशिल्प: काफ़िया-रा,रदीफ़-चाँद सा) क्यूँ देखे तू चंदा,खुद चेहरा तेरा चाँद सा, क्यूँ देखूँ मैं चंदा,जब प्यारा मेरा चाँद-सा। चाहत होगा चकोर का,क्या होगा भोर का, क्यूँ इंतजार करना,ये मुखड़ा तेरा चाँद-साl प्यार है संस्कार है,प्रियतम का इंतजार है, करवा चौथ पे,मनुहार कैसा तेरा चाँद-सा। निकल आओ चाँद,मामला है जज़्बात … Read more

करवा चौथ का व्रत निभाएगी

विनोद सोनगीर ‘कवि विनोद’ इन्दौर(मध्यप्रदेश) *************************************************************** सात जन्मों के सात वचन हर सुहागन निभाएगी, साजन जी का चेहरा देखकर व्रत का प्रण निभाएंगी। पूजा की थाल सजाकर करवा पूजन की रस्म निभाएगी, आए जो विपत्ति साजन पर तो यमराज से भी लड़ जाएगी। हर सुहागन साजन की खातिर करवा चौथ का व्रत निभाएगी, निर्जल रहकर … Read more

मुझे बज़्म में तुम…

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** मुझे बज़्म में तुम बुलाते हो साहबl मगर नाम भी भूल जाते हो साहब। जो तोड़ा है रिश्ता मुझे भूल जाओ, मेरा नाम क्यों गुनगुनाते हो साहब ? तुझे चाँद जबसे कहा है तभी से, मुझे दिन में तारे दिखाते हो साहब। सितम ही किया तुमने इतना ज़ियादा, मुझे … Read more

शरद ऋतु अभिनन्दन

डॉ.शैल चन्द्रा धमतरी(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** सरस शरद ऋतु मृदुल-मृदुल शीत ले आई, धवल चाँदनी संग खिलखिलाए ज्यों मीत ले आई। कुमुद खिले,खिले सुरभित कमल, शुभ्र चाँदनी खिले अम्बर पर निर्मल। वृक्षों की ओट से चाँद मुस्काए, पावन शरद सबका मन हरषाये। चहुँ ओर धरा दिखे श्वेत वसना, बिछी हो ज्यों धरा पर,मोतियों का गहनाl शरद निशा … Read more

प्रियतम की हँसी

कार्तिकेय त्रिपाठी ‘राम’ इन्दौर मध्यप्रदेश) ********************************************* मेरे मन उपवन की तुम ही, मल्लिका हो चंद्र-सी पानी भरती हो जहां पर, अप्सराएं इंद्र की। जुल्फ लहराई घटा में, बादलों-सी घिर रही तेरी जो मुस्कान उभरी, फूल-सी वो खिल रही। होंठ की देहरी को जिसके, ओस भी ना छू सकी मांग माथे में सजाती, है वह प्रियतम … Read more

करवा चौथी पर्व

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** रीति प्रीति अनुपम प्रथा,करवा का उपवास। आज हुआ प्रियतम सफल,प्रिया प्रेम अहसासll शतंजीव दीर्घायु हो,यश जग में प्रख्यात। सात जन्म का साजना,प्रीत मिलन सौगातll सज़ा थाल कुमकुम फलक,दीप जला ले हाथ। लाल वसन सज आभरण,नवयौवन श्रंगारll रचा हाथ में मेंहदी,बाजुबन्ध सज बाँह। माँग सजा सिन्दूर से,चिर सुहाग मन … Read more

विचार कर

अनिल कसेर ‘उजाला’  राजनांदगांव(छत्तीसगढ़) ****************************************************************************** प्यार को न त्याग कर, नित नए विचार कर। जिंदगी जो मिली तुझे, इससे न व्यापार कर। चार दिन का जीवन तेरा, न इसे तू बेकार कर। नित नए विचार कर… कौन है जो जगत में रहा, इस बात से न इन्कार कर। सुमन हो या हो काँटे, सबका तू … Read more

मन का कवि शांत-सा

सविता सिंह दास सवि तेजपुर(असम) ************************************************************************* पता है, इन दिनों कुछ लिख नहीं पा रहीl रूठ गए हैं शायद, ये फूल,पौधे पहाड़,नदियाँ, धरा,अम्बर सबl कोई संवाद, नहीं कर रहा सब मौन हैंl और मेरी संवेदनाएँ, उन्हें क्या हुआ क्यों किसी पीड़ित या, निरीह के लिए द्रवित नहीं हो रहीl क्यों भावनाएँ, चूक रही है उभरते-उभरते, दम … Read more

आपको ढूंढता किधर साहब

गोविन्द कान्त झा ‘गोविन्द राकेश’ दलसिंहसराय (बिहार) *************************************************************** मैं उधर से गया ग़ुजर साहब, थी मनाही जहाँ जिधर साहब। आसमाँ में ही हैं उड़े फिरते, आपको ढूंढ़ता किधर साहबl शाम ढलते नहीं निकलता अब, आज भी तो लगे है डर साहबl हमको गुमनाम ही रखा जब तो, आता फिर कैसे मैं नज़र साहबl चौड़ी तो … Read more