राहुल की विपश्यना:रण में जूझने और रण तजने का फर्क…

  अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************************************** राजकपूर की ‍यादगार फिल्म ‘बरसात’ का गाना है-‘छोड़ गए बालम मुझे हाय अकेला छोड़ गए…।’ देश की सबसे पुरानी और सर्वाधिक सत्ता में रही कांग्रेस पार्टी में कुछ ऐसा ही आलम है। कहने को देश में २ राज्यों महाराष्ट्र और हरियाणा के विधानसभा चुनाव हो रहे हैं,लेकिन कांग्रेस इसी में … Read more

देवी स्तुति

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ****************************************************************************** न जानूं मैं माता,नमन तव पूजा सुमिरना। न जानूं मैं मुद्रा,कथन भव बाधा विधि मना। न जानूं मैं तेरा,अनुसरण माता विमलिनी। कलेशा, संकष्टा,सकल दुख हारी कमलिनी॥ सुकल्याणी माता,विरत सत पूजा विमुख मैं। न धर्मी-कर्मी माँ,अलस कुविचारी अपढ़ मैं। क्षमा प्रार्थी माता,विमल मन माता करुणिका। सदा छाया देना,सकल दुखनाशी दयनिका॥ भवानी … Read more

कुछ करके दिखाना है

प्रेमशंकर ‘नूरपुरिया’ मोहाली(पंजाब) **************************************************************************** उठो!आगे बढ़ो! हमें कुछ नया करके दिखाना है, हमें ढेरों संघर्ष करके गीत प्रगति के गुनगुनाना है। अपनी-अपनी तखल्लुस भूल जाओ इस संसार में, हम सबको मिलकर एक नया समाज बनाना है। बिखेर दो खुशबू अपनी मेहनत की हर ओर तुम, जीवन के दुःखी मधुबन में नये पुष्प खिलाना है। हर … Read more

तुलसी

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* दिव्य छंद तुलसी रचे,भारत हुआ कृतज्ञ। मैं,उनके सम्मान में,दोहे लिखता अज्ञll हुलसी तुलसी गंध-सी,सेवित तुलसीदास। भाव आतमा राम से,मानस किया उजासll नरहरि जी सद्गुरु मिले,पायक हनुमत वीर। रत्नावली से राम का,मिला पंथ मति धीरll मानस-मानस में रखे,पहचाने अरि मित्र। तुलसी ने अनुपम रचा,रघुपति राम चरित्रll सन्त असन्त विवेचना,नारि धर्म,नर कर्म। मानस … Read more

हसरतें जो रही अधूरी…. अमिताभ

कार्तिकेय त्रिपाठी ‘राम’ इन्दौर मध्यप्रदेश) ********************************************* वर्षगांठ विशेष…………. एक ऐसा व्यक्तित्व,जो अभिनय रूपी शहद के कटोरे से मंद-मंद मुस्कान बिखेरने में सफल रहा,जो भारतीय फिल्माकाश पर विगत पांच दशकों से अलौकिक दैदीप्यमान तारे की तरह अपनी बहुमुखी प्रतिभा से सिने प्रेमियों के दिलों की धड़कनों को असंयत करने में सफल रहा। युवा,प्रौढ़ और बच्चों के … Read more

तुम्हारे शहर में…

मोहित जागेटिया भीलवाड़ा(राजस्थान) ************************************************************************** तुम्हारे शहर में हर कोई बदनाम है, कत्ल भी अब रोज यूँ ही ये सरेआम है हर रोज बिक जाता ख़ुद के स्वार्थ में कोई, यहाँ नहीं किसी की कीमत का अब दाम है। प्रकाश में भी अंधकार की छाया रहती, देखो ये कैसी आज सुबह और शाम है ? मनमर्जी … Read more

मुक्तक संग्रह ‘प्रणय-शतक’ का लोकार्पण १३ को

इंदौर(मध्यप्रदेश)l श्रीमध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति,इन्दौर की प्रबंधकारिणी समिति के सदस्य चन्द्रभान भारद्वाज के सद्य: प्रकाशित मुक्तक संग्रह ‘प्रणय-शतक’ का लोकार्पण रविवार १३ अक्टूबर (शरद पूर्णिमा) को समिति के शिवाजी भवन सभागार में होगा। वरिष्ठ कवि सत्यनारायण सत्तन की अध्यक्षता में इस कार्यक्रम के सारस्वत अतिथि प्रो. सूर्यप्रकाश चतुर्वेदी होंगेl प्रचारमंत्री अरविन्द ओझा ने बताया कि … Read more

क्या गुनाह किया नुसरत जहां ने…

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** आज हम किस सदी में जी रहे हैं और हम कब तक पोंगापंथी या पुरातन शैली की जीवन जीएंगे,आखिर ये नियम किसने बनाये हैं। किसी ने भी बनाये होंगे तो उन नियमों में भी हम परिवर्तन समय के अनुसार कर सकते हैं। कब तक हम लकीर के फकीर बने रह सकते … Read more

नीति

शशांक मिश्र ‘भारती’ शाहजहांपुर(उत्तरप्रदेश) ************************************************************************************ आज जिधर देखो उधर लोग वोट नीति पुष्ट कर रहे, नीति को गिरा-गिरा स्तर राज को तन्दुरुस्त कर रहे। जिनके लिए आये जिन्होंने है चुना चिन्ता नहीं उनकी- बिजनेस यह है उनका अगली पीढ़ियां सन्तुष्ट कर रहे॥ परिचय–शशांक मिश्र का साहित्यिक उपनाम-भारती हैl २६ जून १९७३ में मुरछा(शाहजहांपुर,उप्र)में जन्में हैंl … Read more

विवेक

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’ बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ********************************************************************** अजय को सुबह आठ बजे आफिस पहुंचना होता है,लेकिन अक्सर नाश्ते में देर होने की वजह से वो समय पर नहीं पहुंच पाता। आज भी पौने आठ बज गए,पर नाश्ता नहीं लगा। अजय चिल्ला पड़ा,-“ये क्या तमाशा है रोज का! मैंने कल बताया था कि आज डायरेक्टर साहब … Read more