मेरे कृष्ण
रेणु झा ‘रेणुका’ राँची(झारखंड) ******************************************************************* कृष्ण जन्माष्टमी स्पर्धा विशेष………. हे देवकी पुत्र,यशोदा नंदन बसते हो राधा संग,वृंदावन, पुनः अवतरित हो जाओ नित नजरें निहारे डगर, प्रभु कब आओगे इधर हे जगत् के रखवाले कृष्ण। हे द्रौपदी की लाज बचाने वाले मथुरा का माखन चुराने वाले, नख पर पर्वत उठाने वाले साग विदुर घर खाने वाले, … Read more